इंटरनेशनल हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता सिंह ने कहा कि उन्हें एशियन गेम में पदक न जीतने का मलाल है। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। पदक न मिलने का गम भूल कर वह अभी से ही आगामी कॉमनवेल्थ गेम और एशियन गेम की तैयारियों में जुट गई हैं। जिसके वह छह से सात घंटे प्रेक्टिस कर खूब पसीना बहा रही हैं। उनका सपना है कि वह देश के लिए गोल्ड जीते। ये बात सरिता सिंह ने शुक्रवार को मुरादाबाद स्थित सोनकपुर स्टेडियम में खेल प्रतियोगिता के दौरान कही।
संभल निवासी हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता सिंह ने एक के बाद एक कई प्रतियोगिता में भाग लिया है। गोला फेंक में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। पिछले दिनों इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन गेम में सरिता सिंह ने प्रतिभाग किया है। 25 अगस्त को उन्होंने गोला फेंका। सरिता ने बताया कि उन्होंने जकार्ता पहुंचने में थोड़ी देर कर दी थी। जिस कारण वह वहां का माहौल समझ नहीं पाई। उन्होंने गोल्ड के लिए भरपूर प्रयास किया। लेकिन 62.03 मीटर गोला फेंक कर पांचवां स्थान ही हासिल कर पाईं। उनका कहना है कि अगर वह कुछ दिन पहले जकार्ता पहुंच जातीं तो शायद परिणाम बदल सकती थीं। उन्होंने बताया कि गोल्ड न जीतने का उन्हेें मलाल है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। अभी से ही उन्होंने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।