ट्रेनों की लेटतलीफी से मुसाफिरों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा। रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड चेयरमैन के दावों के बीच अब भी ट्रेनें विलंब से ही दौड़ रही हैं। दावा किया गया था कि एक अगस्त से ट्रेनों का बिगड़ा समय पटरी पर लौट आएगा। लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है। सोमवार को सरयू यमुना एक्सप्रेस सोमवार को साढ़े बारह घंटे देरी से आई। इसके अलावा 35 अन्य गाड़ियां देरी से दौड़ी।
दिसंबर 2017 से ट्रेनें लेट चल रही हैं। कभी कोहरा तो कभी ट्रैक मरम्मत तो कभी बारिश का बहना बनाकर ट्रेनें लेट रही हैं। सोमवार को सरयू यमुना एक्सप्रेस साढ़े बारह घंटे देरी से मुरादाबाद पहुंची। इसके अलावा सत्याग्रह एक्सप्रेस तीन घंटे 38 मिनट, जन साधारण एक्सप्रेस एक घंटे 37 मिनट, जन नायक एक्सप्रेस दो घंटे 38 मिनट, जम्मूतवी एक्सप्रेस एक घंटे 34 मिनट विलंब से मुरादाबाद पहुंची। ट्रेनों की लेट लतीफी से यात्रियों को खासी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। जबकि पिछले माह रेलवे की ओर से दावा किया गया था कि 31 जुलाई के बाद एक अगस्त से ट्रेनें समय से दौड़ने लगेंगी। लेकिन ट्रेनों की चाल में कोई अंदर दिखाई नहीं दे रहा। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि कुछ ट्रेनें लेट चल रही हैं। आने वाले समय में सभी गाड़ियां समय से दौड़ने लगेंगी।