मानसून आने के बाद भी उसकी बेरुखी जनमानस को बेहाल कर रही है। पिछले एक हफ्ते से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को बुधवार शाम सिर्फ कुछ ही क्षेत्र में फुहारों का छलावा मिला। जिले में बारिश न होने से अब लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। हालांकि, मौसम विभाग लखनऊ की ओर से गुरुवार और शुक्रवार दो दिन भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मुरादाबाद में 30 जून को मानसून आने के बाद चार जुलाई को आखिरी बारिश हुई थी। एक जून से 10 जुलाई तक करीब 350 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए, लेकिन इस वर्ष मुरादाबाद में सिर्फ 92 मिली मीटर ही बारिश हो सकी है। इसके कारण लगातार भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हो गए हैं। सुबह से ही सूरज की किरणों की तपिश से बेहाल होने के बाद रात को उमस की वजह से सुकून की नींद नहीं आ पाती है। बुधवार दोपहर से आसमान में बादल छाने से लोगों को बारिश की उम्मीद बंधी थी। शाम को शहर में कहीं-कहीं मुश्किल से पांच से दस मिनट बारिश हुई। स्थिति यह रही कि दिल्ली रोड पर तो मानसरोवर से लेकर बुद्घि विहार तक बौछार आई, जबकि कांठ रोड, स्टेशन रोड और राजकीय इंटर कालेज के क्षेत्र में बूंदाबांदी भी नहीं होने से लोगों को मायूसी छा गई। पंत नगर विश्वविद्यालय के डॉ. आरके सिंह ने कहा कि मानसून में तीन-चार दिन के अंतराल पर फुहार आती हैं। गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिश है। इसके बाद बारिश कम हो जाएगी। उसके चार-छह दिन बारिश नहीं होगी।
फसलें होने लगी हैं प्रभावित
बारिश न होने से पानी की कमी हो रही है। धान की रोपाई का समय होने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा खरीफ की फसलों को पानी की जरूरत होती है। इससे उसकी बढ़वार पर प्रभावित होगी। बार-बार आसमान की ओर उम्मीद से देखने के बावजूद बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच रही हैं।
35 पार हुआ पारा
राजकीय इंटर कालेज स्थिति मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान में .8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता सुबह के समय 84 और शाम को 72 फीसदी दर्ज की गई।