मुरादाबाद। मेरठ में मां-बेटे में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने से सीएमओ ने मुरादाबाद जिले में अलर्ट घोषित कर दिया है। 45 डिग्री तापमान तक आफ सीजन में स्वाइन फ्लू रोगी मिलना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। सामान्यत:30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर स्वाइन फ्लू का बैक्टीरिया कमजोर पड़ जाता है। रोगी मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट कर दिया है तथा एहतियात बरतने के निर्देश दिए है। ठंडे स्थानों पर जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मेरठ की जागृति विहार कालोनी निवासी 52 वर्षीय महिला व उसके 24 वर्षीय बेटे के बीमार होने पर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। वहां जांच के बाद मां-बेटे को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। आफ सीजन में स्वाइन रोगी मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की रिपोर्ट शासन को भिजवाई, तो शासन ने भी मेरठ व मुरादाबाद मंडल के जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया। साथ ही चिकित्सकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पताल आने वाले मरीजों पर नजर रखे। संदेश या लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराए और उन्हें उपचारित कराए। मुरादाबाद में अलर्ट से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सीएमओ ने शासनादेश से सभी को अवगत करा दिया है।
नवंबर से मार्च तक स्वाइन फ्लू का रहता है सीजन
चिकित्सकों के मुताबिक स्वाइन फ्लू का वायरस इंफ्लूएंजा एचवनएनवन कम तापमान में अधिक संक्रिय रहता है। सामान्यत: स्वाइन फ्लू के फैलने का समय नवंबर माह से मार्च माह तक माना जाता है। यानि मौसम का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने पर स्वाइन फ्लू का बैक्टीरिया कमजोर पड़ने लगता है। जून माह में 45 डिग्री तापमान तक स्वाइन रोगी मिलना आश्चर्य की बात है। चिकित्सकों की मानें, तो स्वाइन फ्लू का बैक्टीरिया ठंडे क्षेत्रों से किसी रोगी के माध्यम से आया हो।
सावधानी बरतें चिकित्सक
मेरठ में स्वाइन रोगी मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। चिकित्सक सावधानी बरतें। मुंह पर मास्क लगाकर काम करे। साथ ही रोगी में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराए और उपचारित करे।
ये सीजन स्वाइन फ्लू का नहीं है। कही बाहर से वायरस आया होगा। फिर भी एहतियात के तौर पर सभी चिकित्सकों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए है। ताकि किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न न हो।
डॉ. विनीता अग्निहोत्री, सीएमओ मुरादाबाद।