मुरादाबाद। पिछले एक महीने से झुलसा रही धूप की तपिश और भीषण गर्मी की बेहाली से गुरुवार शाम को मौसम में हुए बदलाव ने राहत दी। गत एक सप्ताह से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा था। गुरुवार को दिन भर प्रचंड गर्मी से बेहाल करने के बाद एकाएक मौसम में परिवर्तन हुआ। तेज आंधी के साथ बादलों की गरज के बाद झमाझम बारिश हुई। कहीं-कहीं ओले भी पड़े। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह त्वरित राहत है। इसके बाद फिर गर्मी रहेगी।
पिछले एक सप्ताह से दिन के तापमान के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। इसकी वजह से सुबह से ही आसमान से आग बरसने लगती थी। गुरुवार को भी यही स्थिति थी। दिन में घरों और कार्यालयों में पंखे, कूलर, एसी चलने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। इंसानों के साथ पशु-पक्षी भी व्याकुल हो रहे थे। तेज धूप से सड़कों पर भी राहगीरों की आवाजाही कम हो गई थी। सभी को बारिश की आस थी। शाम को आसमान में काली घनी घटाएं छा गईं। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। आसमान में जबरदस्त बिजली कड़कने लगी और झमाझम बारिश होने लगी। इस बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात दिला दी। धरती सूखने का आलम यह था कि करीब एक घंटे तक तेज बारिश होने के बावजूद धरती पर पानी नजर नहीं आ रहा था। हालांकि बाद में ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहाना हो गया। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाह ने बताया कि प्री मानसून बारिश है। स्थानीय प्रभाव बनने से यह बारिश हुई है। स्थिति मजबूत बन जाती है तो बारिश व्यापक स्तर पर होती है। शाम को यही आलम था। डेढ़ सौ से दो सौ किलोमीटर क्षेत्र में बारिश हुई है। जून के महीने में 80 से सौ मिलीमीटर के करीब बारिश होनी चाहिए। गुरुवार से इसकी शुरुआत हुई है। 15 से 20 मिली मीटर बारिश हुई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी। वायु मंडल में प्रदूषित हवा से निजात मिलेगी। हवा में जहरीली गैसों की मात्रा कम हुई है और वायु मंडल साफ हो गया है। बागवानी आम, अमरूद, लीची, कटहल आदि फलदार वृक्षों में थोड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन जो वृक्ष सूख रहे थे, पानी पड़ने से राहत मिलेगी। तापमान में एक सप्ताह तक गिरावट बनी रहेगी। हवा में नमी रहेगी। थोड़ी उमस हो सकती है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 40.8 और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस था। इसमें दो से तीन डिग्री की गिरावट आएगी।