मुरादाबाद। शैक्षिक सुधार की कवायद को बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर ही पलीता लगाने में जुटे हैं। अफसर फील्ड में निकलने को तैयार नहीं हैं। कार्यालयों में बैठकर कागजों में ही निरीक्षण कर रहे हैं। निदेशालय की फटकार के बाद बीएसए कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से तीन महीने की निरीक्षण आख्या रिपोर्ट तलब की है। चार जून तक निरीक्षण संबंधी फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे खंड शिक्षा अधिकारियों में खलबली मची है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बुरा हाल है। स्कूलों में नामांकन के सापेक्ष छात्र उपस्थिति 40 फीसदी तक नहीं पहुंच रही है। शिक्षक भी स्कूल गोल मारने में पीछे नहीं हैं। कागजों में उपस्थिति दर्शाने वाले शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं। बीएसए की छापामारी अभियानों में इसका खुलासा हो चुका है। शासन ने शैक्षिक सुधार के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों, एबीआरसी और एनपीआरसी से स्कूलों में मासिक निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद भी अधिकतर अफसर स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण नहीं करते हैं। संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से टेलीफोन पर जानकारी जुटाकर निरीक्षण की खानापूर्ति कर रहे हैं।
निदेशालय ने मुरादाबाद बीएसए कार्यालय से जनवरी से 20 मई तक स्कूल निरीक्षण रिपोर्ट की आख्या तलब की है। मुरादाबाद जिले के अधिकतर खंड शिक्षा अधिकारियों और एबीआरसी ने निरीक्षण रिपोर्ट जारी नहीं की है। बीएसए योगेंद्र कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। बीएसए ने अधिकारियों से चार जून तक स्कूलों के मासिक निरीक्षण आख्या रिपोर्ट और फोटोग्राफ का रिकार्ड मांगा है। पांच जून को रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।