मुरादाबाद। महानगर की जीओग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) मैपिंग कराई जाएगी। नगर आयुक्त संजय चौहान के मुताबिक भोपाल, भुवनेश्वर, जयपुर समेत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल 31 शहरों में जीआईएस मैपिंग करने वाली कंपनी ईएसआरआई इंडिया के प्रतिनिधियों ने निगम कार्यालय में जीआईएस मैपिंग करने की प्रजेंटेशन दी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए सटीक जानकारियों के लिए जीआईएस सर्वे कराया जा रहा है। इसके डाटा का उपयोग स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए किया जाएगा।
दरअसल नगर निगम के पास शहर की सीवर लाइन, वॉटर लाइन, तालाबों, पार्कों, नई बसी कॉलोनी और भवनों की संख्या के सटीक डाटा बैंक नहीं है। निगम के कर्मचारियों ने मौका मुआयना करके डाटा इकट्ठा किया है। लेकिन भविष्य को देखते हुए बनने वाली योजना के लिए यह डाटा सटीक नहीं माना जा सकता है।
जीआईएस मैपिंग में यह बातें आएंगी सामने :
- कितने हिस्से में सीवर लाइन बिछी, कितना बाकी
- वॉटर लाइन किन हिस्सों तक पहुंची, कहां नहीं है
- शहर में बसी नई कॉलोनियां और भवनों की संख्या
- कितने हिस्से में पक्की सड़कें और फुटपाथ बने
गूगल पर जानकारियां होगी अपलोड
अधिकारियों के मुताबिक जीआईएस मैपिंग पूरी होने के बाद गूगल पर निगम की कुछ जानकारियां सार्वजनिक की जाएगी। जबकि कार्यालय उपयोग की जानकारियों को प्राइवेट डोमेन में सुरक्षित किया जाएगा। लोग गूगल पर निगम और शहर से संबंधित जानकारियों को हासिल कर सकेंगे।
जीआईएस मैपिंग के लिए कंपनी ने प्रजेंटेशन दिया है। मैपिंग होने के बाद शहर से संबंधित अहम जानकारियों के सटीक डाटा बैंक हमारे पास होगा। - संजय चौहान, नगर आयुक्त