चंदौसी। शहर में छठ परंपरागत तरीके से मनाया गया। पूर्वांचल के रहने वाले परिवारों ने उपवास रखा और शाम को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व हर्षोल्लास मनाया। पूजा अर्चना कर परिवार की खुशी की मंगल कामना की।
छठ पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। यह प्रमुख रुप से बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है।
मंगलवार को यह सभी परिवार आजाद रोड स्थित डा निर्मलदास की गली में गीता मिश्रा के घर पर इकट्ठे हुए। जहां सभी ने महिलाओं सारे दिन उपवास रखकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। शाम को सूर्य के लिए अर्घ्य देकर उपवास खोला। गीता मिश्रा ने बताया कि छठ पूजा सूर्य और उनकी पत्नी ऊषा के लिए समर्पित है। ताकि उन्हें पृथ्वी पर जीवन की देवताओं को बहाल करने के धन्यवाद और कुछ शुभकामनाएं देेने का अनुरोध किया जाए। छठ पूजा में कोई मूर्ति पूजा शामिल नहीं है। त्योहार के अनुष्ठान में कठोर और चार दिनों तक मनाया जाता है। अनुष्ठान में पवित्र स्नान, उपवास, पीने के पानी से दूर रहना व लंबे समय तक पानी में खड़े रहना और सूर्य को अर्ध्य देना शामिल है। यह पर्व अस्त होते हुए सूर्य व अगले दिन उगते हुए सूरज को जल समर्पित अथवा अर्ध्य देने पर पूरा होता है। गीता मिश्रा, संगीता ओझा, बेबी उपाध्याय, मिथलेश तिवारी, सुरेंद्र सिंह आदि ने सूर्य को अर्ध्य देकर विधि विधान से पूजा अर्चना की।