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नगर मे रोडवेज बस अड्डा नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है

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रोडवेज बस अड्डा नहीं होने से निजी बसों की मनमानी
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- स्थानीय जनता की मांग के बाद भी शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
टांडा। नगर में रोडवेज बस अड्डा नहीं होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी करनी पड़ रही है। मार्ग पर सीमित संख्या में चल रही रोडवेज बसों का कोई निश्चित समय और रुकने का स्थान नहीं है। जिससे नगर तथा क्षेत्र के लोग आने जाने के लिए निजी बसों में मनमाना किराया देकर धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं। निजी बसें सुबह 6 बजे से शाम तक चलती हैं। देर शाम मुरादाबाद से आई निजी बस टांडा नगर में यात्रियों को उतार देते हैं। बाजपुर की ओर जाने वाली सवारियों को होती है परेशानी।
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नगर से गुजर रहे मुरादाबाद बाजपुर मार्ग करीब 60 किलोमीटर लंबा नैनीताल के लिए एकमात्र सीधा मार्ग है। जो कि उत्तराखंड को जोड़ने वाले दूसरे मार्गों के मुकाबले करीब 25 किलोमीटर दूरी कम है। मुरादाबाद बाजपुर मार्ग पर करीब 60 किलोमीटर के दायरे में टांडा नगर तथा क्षेत्र के कस्बे दढियाल, मासवासी सीकमपुर, बादली, मानपुर, डूंगरपुर, सिरसावा दोराहा और क्षेत्र के गांव समेत करीब 2 लाख से अधिक की आबादी जुड़ी है। टांडा नगर को तहसील बने करीब 11 साल बीत चुके हैं। इसके बाद से अब तक स्थानीय लोगों द्वारा अनेकों बार मार्ग पर रोडवेज बस संचालन की मांगों के बाद मात्र 2- 3 बसों का संचालन हो रहा है। मार्ग पर संचालित बसों का आने जाने का स्थाई समय तथा नगर में बस अड्डा नहीं होने से स्थानीय तथा क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मार्ग पर चल रही रोडवेज बसें नगर में नहीं रुकती। यात्रियों को बैठाकर सीधे गुजर जाती हैं। नगर तथा क्षेत्र से प्रतिदिन अपने जरूरी काम से लोग निजी बसों में मनमाना किराया देकर धक्के खाने को मजबूर हैं। दिल्ली आने-जाने के लिए प्राइवेट वाहनों से कई जगह गाड़ी बदलकर जाना पड़ता है। इसकी वजह से लोगों को समय के साथ-साथ पैसों का भी काफी नुकसान होता है। प्राइवेट वाहन तो चलते हैं, लेकिन सुबह 6 बजे से शाम तक ही हैं। देर शाम मुरादाबाद से आई निजी बस टांडा नगर में यात्रियों को उतार देते हैं। जिन्हें बाजपुर की ओर जाना होता है उन्हें निजी कुछ ज्यादा खर्च कर मारुति वैन से अपने गंतव्य को जाना पड़ता है जिससे लोगों को समय के साथ-साथ मनमाना किराया देना पड़ता है। 1 माह पूर्व पालिकाध्यक्ष द्वारा रोडवेज बस अड्डे के लिए जगह देने की पेशकश कर बसों के नियमित संचालन की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक उनकी मांग पर कोई अमल नहीं किया गया है।
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