टांडा। जमीयत उलमा हिंद ने बैठक कर तीन तलाक के मुद्दे पर लाए गए अध्यादेश की निंदा की। उलमा ने केंद्र सरकार के अध्यादेश को कानून के साथ धोखा बताया। मोदी सरकार पर इस मामले में फिर से हवा देकर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। जमीयत उलमा हिंद के जिला अध्यक्ष व पूर्व पालिकाध्यक्ष महमूद जफर रहमानी के आवास पर बैठक की गई जिसमें तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह कदम गैर जमहूरी और मुसलमानों की शरीयत मैं बेजा मुदाखलत (हस्तक्षेप) है। रहमानी ने कहा सरकार को इस मामले को पूरी तरह से पार्लियामेंट की सेलेक्ट कमेटी के सामने नियमानुसार रखना चाहिए था। सरकार को न तो कानून न संविधान और न ही न्यायालय की गरिमा का ख्याल है। यह सब आने वाले लोकसभा चुनाव में गुमराह करने आपस में लड़वाने की साजिश है। मुसलमानों के धार्मिक और अंदरूनी मामलों में दखल देकर हर घर में शौहर और पत्नी मैं झगड़ा पैदा कराना चाहते हैं। सरकार की इस दखलअंदाजी को मुसलमान कभी भी बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा की शादी ने कहा तलाक मजहबी मामले में हस्तक्षेप करके हमारी आजादी को छीन रही है। मौलाना लियाकत अली कासमी ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार मुसलमानों को संविधान में दिए गए अधिकारों और आजादी छीन बेवजह परेशान किया जा रहा है। मौलाना जहीरुल इस्लाम कासमी ने कहा बार बार दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद सुलेमान कासमी, मौलाना शौकत अली कासमी, मौलाना रशीद अहमद, मौलाना फहीम कासमी आदि उपस्थित रहे। संचालन जिला महामंत्री मौलाना मोहम्मद इरफान कासमी ने किया।