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टांडा में धूमधाम से मनाया गया हिंदी दिवस

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टांडा। हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में छात्राओं ने हिंदी, हिंदी, हिंदी, भारत के माथे की बिंदी जैसे गीत प्रस्तुत किए। वहीं वक्ताआें ने मातृभाषा का महत्व बताते हुए हिंदी को जीवन जीने की एक शैली बताया।
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नगर के रामलीला ग्राउंड सरस्वती विद्या मंदिर और क्षेत्र के विद्यालयों में हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरस्वती विद्या मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस निरीक्षक टांडा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने विभिनन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिसमें सर्वप्रथम स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्य रुप से छात्राओं ने हिंदी, हिंदी हिंदी, भारत के माथे की बिंदी गीत प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह ने संबोधित कर कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान है। हिंदी को राष्ट्रभाषा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय भाषा बनाने के लिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान करना होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि पुलिस निरीक्षक जीत सिंह ने कहा कि अनुशासन शिक्षा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसमें कर्तव्य बोध होता है और अपने दायित्व का ज्ञान होता है। इस अवसर पर देवेंद्र सिंह, मीना तिवारी, शोभा गुप्ता, गब्बर सिंह, सुनील आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा क्षेत्र के गांव सरकथल स्थित महाराजा पृथ्वीराज चौहान स्नाकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। प्राचार्य डा. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदी भारत की आत्मा है। यह सांस्कृतिक धरोहर भी है। हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 को मिला। महात्मा गांधी ने 1918 में विषय जनमानस भाषा कहा था। हमें गांधी जी के सपनों को साकार करना होगा। इस अवसर पर डा. जुल्फिकार, डा. रियासत अली, डा. अरविंद, डा. विष्णु दत्त, हरिओम सिंह, प्रदीप कुमार, एसबी यादव आदि उपस्थित रहे।
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