चंदौसी। परिषदीय शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के लिए जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह बुधवार को खुद निरीक्षण करने निकले तो हजारों में वेतन लेने शिक्षकों व शिक्षा मित्रों के कार्यो की पोल खुल गई। पांचवी तक के बच्चे हिंदी की किताब नहीं पढ़ सके। अपना नाम तक अंग्रेजी में नहीं लिख सके। आंगनबाड़ी केंद्र पर सिर्फ दो बच्चे मिले। प्रधानाचार्या के वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बुधवार को दोपहर 12 बजे बहजोई विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अंचलपुर पहुंचे तो एक शिक्षिका हिना एवं एक शिक्षा मित्र रानी देवी सहित पूरा स्टाफ मौजूद था, 70 में से 52 बच्चे भी थे। हिना का फौजी पति भी बच्चों को पढ़ाता मिला। शिक्षकों ने बताया कि अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिली है। पढ़ाई स्तर देखने के लिए बच्चों से किताब पढ़वाई गई तो कक्षा तीन से पांच तक का कोई भी बच्चा हिंदी की किताब नहीं पढ़ सका। पांचवी का कोई बच्चा अपना नाम तक अंग्रेजी में नहीं लिख पाया। बच्चे प्रधानमंत्री का भी नाम नहीं बता पाए। स्कूल में विद्युत कनेक्शन व चहारदीवारी नहीं थी, हैंडपंप भी खराब था, शौचालय गंदा था। कुल मिलाकर पूरी व्यवस्था चौपट थी। मिड-डे मिल ठीक था, आंगनबाडी केंद्र पर पंजीकृत 33 बच्चों में सिर्फ दो उपस्थित मिले। डीपीआरओ को साफ सफाई व हैंडपंप ठीक कराने को कहा तो बीएसए को तत्काल प्रभाव से प्रधानाचार्य हिना की एक वेतनवृद्धि स्थाई रूप से रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यहां आए ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि प्रत्येक घर में शौचालय अनिवार्य रूप से होना चाहिए, कोई भी व्यक्ति घर से बाहर शौच को नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि वह गांव को ओडीएफ करने में पूरा सहयोग करेंगे।