बहजोई। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहजोई की छात्राएं अपने पाठ्यक्रम में शामिल किताब के पहले पाठ का नाम नहीं बता सकीं। इस बात का खुलासा तब हुआ, जबकि उपजिलाधिकारी चंदौसी महेश प्रसाद दीक्षित ने बहजोई के कस्तूरबा विद्यालय में पहुंचकर निरीक्षण किया।
शनिवार को दोपहर ढाई बजे करीब एसडीएम चंदौसी बीएसए दफ्तर परिसर में स्थित बहजोई के कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे और सबसे पहले छात्राओं की आवासीय व्यवस्था को देखा। इस बीच एसडीएम ने छात्राओं से पाठ्यक्रम में शामिल किताब महान व्यक्तित्व के पहले पाठ का नाम पूछा, इस पर छात्राएं जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद दूसरे सवालों का जवाब भी छात्राओं ने नहीं दिया। एसडीएम ने विद्यालय में छात्राओं के खान-पान व रहन-सहन की व्यवस्था को देखते हुए जानकारी ली। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही। संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों समेत आकस्मिक सेवाओं के फोन नंबर की सूची न होने पर निर्देश दिए कि सूची जल्द ही दीवार पर चस्पा कराई जाए। एसडीएम ने बताया कि इससे पहले दोपहर डेढ़ बजे करीब चंदौसी नगर क्षेत्र के गांव आटा में संचालित कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण में जनरेटर खराब मिला। इससे छात्राओं को बिजली गुल होने के बाद मुश्किल झेलनी पड़ती है। आर ओ भी खराब मिला। साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि इससे पहले सुबह साढ़े ग्यारह बजे करीब विकासखंड बनियाखेड़ा के सरथल स्थित कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया गया तो सामने आया कि आवासीय कक्षों की छत से बरसात का पानी टपक रहा है। छत के पंखों में भी पानी पहुंच रहा है। इससे पंखे भी बंद रहते हैं। बाउंड्रीवॉल छोटी थी। एक तरफ बाउंड्रीवॉल ही नहीं थी। विद्यालय का मेनगेट नहीं था। साथ ही साफ-सफाई को दुरुस्त बनाए के लिए निर्देश दिए गए।