मिलक। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को हड़ताली लेखपालों के बस्ते जमा कराने के आदेश दिए थे। लेकिन प्रशासन अभी उन पर कार्रवाई करने से बच रहा है। एस्मा का उल्लंघन करने पर लेखपालों के बस्ते जमा नहीं करा पाया है। जिस कारण प्रशासन की कार्रवाई संघ की इकाई के अध्यक्ष और मंत्री के निलंबन और 42 लेखपालों के कारण नोटिस तक सिमट कर रह गई है।
उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने सरकार की ओर से लेखपालों की हड़ताल एस्मा लागू करने पर 42 को नोटिस जारी किए थे तथा लेखपाल संघ की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष राजीव कुमार सक्सेना और संघ के मंत्री सुमित कुमार सक्सेना को पांच जुलाई को निलंबित कर दिया था। निलंबित अध्यक्ष और मंत्री का रिकार्ड जमा नहीं होने पर तहसीलदार अशोक कुमार सिंह को रिकार्ड जमा कराने के निर्देश नौ जुलाई को दिए थे, लेकिन अमल नहीं हो पाया। एसडीएम की ओर से हड़ताल में शामिल 42 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। जिनकी समय सीमा तीन दिन छह जुलाई की थी। जवाब न मिलने पर निलंबन करना था। नोटिस की समय सीमा खत्म हो चुकी गई। प्रशासन एस्मा के उल्लंघन करने वाले 42 लेखपालों पर कार्रवाई को लेकर पशोपेश में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में समीक्षा बैठक में हड़ताली लेखपालों के काम पर नहीं लौटने पर बस्ता जमा कराने के आदेश दिए थे। जिसको दिए हुए 24 घंटे गुजर गए। कोई भी हड़ताली लेखपाल काम पर नहीं लौटा है, लेकिन सीएम के आदेश पर प्रशासन अगली कार्रवाई नहीं कर पाया है।