कांठ। अघोषित कटौती और ट्रिपिंग को ले उपभोक्ताओं का पारा बढ़ता जा रहा है। कई आंदोलन करने के बाद भी सुधार नहीं हो पाया है। जर्जर बिजली लाइनों व पुरानी मशीनों से हादसे हो रहे हैं।
सरकार बिजली सुधार के हर प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रदेश व केंद्र सरकारें पानी की तरह पैसा बहा रही हैं। लेकिन फिर भी उपभोक्ताओं को शासन के द्वारा निर्धारित बिजली नहीं मिल रही है। हालत यह है कि दिनभर ट्रिपिंग होती रहती है। बिजली आने और जाने का क्रम लगा रहता है। इसके अलाव अघोषित कटौती भी की जा रही है। शाम को भी बिजली नदारद हो जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली कर्मचारी दिन में कई कई बार शटडाउन लेते हैं। जिससे आपूर्ति में और भी ज्यादा व्यावधान पैदा होता है। नसीर अहमद, मुबारिक हुसैन, शमीम अहमद, निसार, जावेद, हामिद, अतीक अहमद, जमील अहमद, शाहिद, सुहेल, जाकिर हुसैन, इमामुद्दीन आदि बुनकरों ने बिजली के कारण गाज बैंडेज उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कांठ के प्रमुख गाज बैंडेज उद्योग से हजारों लोगों को रोजगार मिलता था। बुनकरों ने कहा कि बिजली दरें बढ़ा दी गई हैं। वहीं किसानों ने भी अघोषित कटौती व लो वोल्टेज को ले नाराजगी जताई है।