कांठ। अस्थाई बिजली कर्मचारियों की मनमानी और क्षेत्र की चरमराई विद्युतापूर्ति के विरोध में भारतीय किसान यूनियन शनिवार को कांठ बिजली घर का घेराव कर समस्याओं को ले गरजेगी। इसके लिए सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया है। किसानों का कहना है कि जब तक विभाग के बड़े अधिकारी उनके बीच नहीं पहुंचेंगे, वह धरने को समाप्त नहीं करेंगे।
पिछले करीब एक सप्ताह से बुरी तरह चरमराई कांठ क्षेत्र की विद्युतापूर्ति को ले जहां उपभोक्ताओं में रोष पनप रहा है तो वहीं शुक्रवार को भाकियू ने भी बिजली समस्याओं को ले आंदोलन किए जाने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को भाकियू के वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह ने बिजली कटौती को ले कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की मनमानी के कारण उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण किसान भी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब आगे ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शनिवार को कांठ विद्युत उपगृह का घेराव कर विभागीय अधिकारियों से सवाल जवाब किए जाएंगे। भाकियू तहसील प्रभारी जितेंद्र विश्नोई जीतू ने निर्धारित समय ग्यारह बजे बिजलीघर पर पहुंचने का आह्वान किसानों से किया है।
झूठे मुकदमों का भाकियू ने किया विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन
कांठ। बिजली चेकिंग अभियान के दौरान किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने और उनसे अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए इसका खुला विरोध किया है।
शुक्रवार को क्षेत्र के गांव जमनिया, सिमला, तेलीपुरा, फोल्ड़ापट्टी आदि गांवों के पीड़ित किसान भाकियू प्रतिनिधि मंडल के साथ जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और एससी विद्युत से मिले। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उनके खिलाफ बिजली चोरी के गलत ढंग से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इस मौके पर किसानों ने जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन भी बिजली समस्याओं के संबंध में सौंपा और नौ जुलाई को अनिश्चितकालीन धरना किए जाने की चेतावनी दी। इस मौके पर भाकियू के प्रदेश महासचिव डॉ. नौ सिंह, जिला महासचिव धनवीर सिंह बालियान, भाकियू युवा के मंडल प्रभारी गौरव चौधरी, रणधीर सिंह, बछु सिंह, रामकला सिंह आदि रहे।