चंदौसी। संभल के एक गांव से थोक में सफेद रसगुल्ले तैयार करके बदायूं के इस्लामनगर भेजे जाते समय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने चंदौसी में पकड़ लिया। मिलावट की आशंका को देखते हुए ढाई क्विंटल रसगुल्लों को चेक किया और रसगुल्लों का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
गांवों में सूखे सफेद रसगुल्ले तैयार किए जाते हैं। उन्हें शहरों में नामीगिरामी दुकानों पर सप्लाई किया जाता है। इसके साथ ही शादी आदि समारोहों के लिए भी बुक किया जाता है। बताते हैं कि संभल के मोहम्मदपुर मालिनी गांव में तैयार किए गए ढाई क्विंटल रसगुल्ले चंदौसी के रेलवे स्टेशन के सामने पकड़ लिए गए। मारुति वैन में 25 टिन में भरकर रसगुल्ले ले जाए जा रहे थे। यह रसगुल्ले कोतवाली संभल क्षेत्र के मंगनपुर गांव निवासी फिरोज आलम द्वारा भेजे जा रहे थे। वैन चालक मोहम्मदपुर मालिनी गांव निवासी आसिफ ने बताया कि रसगुल्लों को बदायूं के इस्लामनगर में एक शादी समारोह में ले जा रहा था। सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह व कुलदीप तिवारी ने वैन को रोककर उसमें मौजूद सूखे सफेद रसगुल्लों में से नमूना लिया। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मिलावट की आशंका तो है, लेकिन जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। नमूना लेने के बाद रसगुल्लों को आसिफ को ही सौंप दिया।
चालक ने बताया कि यह रसगुल्ले 180 रुपये प्रति किलो की दर से बुक किए गए हैं। उधर हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मंतेष वार्ष्णेय ने बताया कि सूखे सफेद रसगुल्ले चंदौसी में डालडा घी वाले तो 200 रुपये में लेकिन देशी घी वाले इससे मंहगे हैं।