ग्राम कैथल के प्राथमिक विद्यालय में परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों की बैठक हुई। जिसमें वर्षों से एक हजार रुपये मानदेय दिए जाने पर रोष जताया गया। मानदेय वृद्धि के लिए संघर्ष की घोषणा करते हुए कामरेड रेवाराम को प्रांतीय संयोजक चुना गया।
बैठक में महिलाओं ने कहा कि लगभग 14 वर्षो से महिला रसोइयां एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर इस उम्मीद के साथ काम करती आ रही है कि सरकार कभी तो उनकी सुधि लेगी। लेकिन आज तक किसी सरकार ने उनकी सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि अब बिना संघर्ष के उनकी वेतन वृद्धि संभव नहीं है। इसलिए सभी ने संघर्ष की तैयारी शुरु कर दी है। जिसके तहत प्रदेश भर की रसोइयों को एकत्रित करने की जिम्मेदारी कामरेड रेवाराम को सौंपी गई। उत्तर प्रदेश रसोई कर्मचारी यूनियन गठित कर रेवाराम को प्रांतीय संयोजक चुना गया। कामरेड रेवाराम ने कहा कि आज से रसोईयों का संघर्ष शुरु हो गया है। प्रदेश भर में करीब ढाई लाख रसोइया मात्र एक हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कर रही है। वह भी ग्यारह माह के काम के बदले 10 माह का मानदेय दिया जा रहा है। बैठक में रसोइयों ने मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की। शीघ्र ही जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में नीलकमल, मोरकली, रामकुमारी, रामबेटी, पुष्पा सैनी, संतोष, सोहनकली, गुलशन, राजवती, मुन्नीदेवी, अनारकली, शबाना, परवीन, ममता, मीना, मनोरमा, उर्मिला, सुनीता, मायादेवी, शीलादेवी, कन्यावती, लीलावती, सावित्री, राजवती, आशा, विमला, ऊषा, केलादेवी, मीरा, निर्मला, चमेली, कस्तूरी, जलधारा, प्रेमवती, विद्यावती आदि रसोइयां मौजूद रही। अध्यक्षता रानी ने की तथा संचालन मुन्नालाल शाक्य ने किया।