यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले देश व्यापी हड़ताल के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रीयकृत बैंककर्मियों ने इलाहाबाद बैंक परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। नीतियों के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
संयोजक संजय रस्तोगी ने 11वें वेतन समझौते को अतिशीघ्र लागू करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय करने का विरोध किया। नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग की। सहायक महामंत्री एसबीआईएस जगदीश सिंह ने कहा कि बैंकों में पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी नहीं हैं। इसका कार्यरत कर्मचारियों पर बोझ पड़ता है। उन्होंने नई भर्ती कर रिक्त पदों को भरने पर जोर दिया। मुख्य क्षेत्रीय सचिव एनएन टंडन ने कहा कि बैंक में एनपीए की वसूली बड़े बकाएदारों से अतिशीघ्र की जाए। कर्मचारियों के लिए कार्य समय निर्धारित करने के साथ पांच दिवसीय कार्य घोषित किया जाए। इस दौरान जेपी सरन, एनके राजवंशी, नवनीत कुमार, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।