केंद्र के निर्देश पर डिप्टी डायरेक्टर की टीम मुरादाबाद पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
सरकारी दफ्तरों में कामकाज को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने बायोमीट्रिक हाजिरी का बंदोबस्त किया तो कामचोर कर्मचारियों ने अंगूठे का जुगाड़ बनाकर उसका भी तोड़ निकाल लिया। अमर उजाला में इसका खुलासा होने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर उच्च स्तरीय जांच बैठा दी है। डिप्टी डायरेक्टर यूआईडीए के नेतृत्व में लखनऊ से पहुंची एक उच्च स्तरीय टीम ने मुरादाबाद में बायोमीट्रिक मुहर बनाने वालों की छानबीन शुरू कर दी है।
कोर्ट रोड पर दुर्गा मंदिर के आसपास स्थित कई दुकानों पर बायोमीट्रिक मुहर तैयार की जाती हैं। स्कूल - कालेजों और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों के साथ ही आधार कार्ड बनाने वालों ने भी बड़ी संख्या में यहां से मुहर तैयार कराई हैं। ‘अमर उजाला’ ने 28 सितंबर को इस धंधे का खुलासा किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने भी दुकानों पर छापामारी की थी। एक दुकान से बायोमीट्रिक मुहर बरामद भी हुई थी। अमर उजाला में मामला उजागर होने के बाद केंद्र सरकार ने भी इसकी छानबीन के आदेश दिए हैं।
सोमवार को डिप्टी डायरेक्टर यूआईडीए अवधेश चंद्र निगम के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम ने मुरादाबाद में मुहर बनाने वाली दुकानों पर छानबीन की। पहचान छुपाकर यह टीम शहर में मुहर की दुकानों को खंगाल रही है। हालांकि डिप्टी डायरेक्टर और उनकी टीम के सदस्यों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। अलबत्ता टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर बायोमीट्रिक मुहर बनाने वालों की तलाश की। टीम ऐसे लोगों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके केंद्र को सौंपेगी। टीम के साथ तकनीकि विशेषज्ञ भी हैं। जो पूरे मामले की तकनीकि पहलुओं से जांच पड़ताल कर रहे हैं।