अवैध पार्किंग से रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार हुआ बंद
यात्रियों को आवागमन में हो रही है दिक्कत, जिम्मेदार बेपरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
रेलवे के मुख्य द्वार पर मनमाने ढंग से अवैध तरीके से वाहनों की पार्किंग की जा रही है। आलम यह है कि यात्रियों को मुुख्यद्वार से आवागमन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की समस्याओं के निदान की जगह जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर अवैध पार्किंग ने यात्रियों का निकास द्वार बंद कर दिया है। आवागमन में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। नियम कानून के नाम पर सबका अपना राग है। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। हर तरफ मायूसी है। न सुविधाएं नजर आती हैं न सुरक्षा। उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के समय बेहद मुस्तैदी बरतने वाले रेलवे के अधिकारी कर्मचारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। बात केवल मुख्य द्वार पर अवैध पार्किंग से मार्ग अवरुद्ध करने पर ही खत्म नहीं होती। रेलवे स्टेशन के परिसर को भिखारियों ने रात्रि विश्राम के लिए पनाहगाह बना रखा है। जिम्मेदार मौन हैं। अव्यवस्थाएं हावी हैं। सुरक्षा के लिहाज से रेलवे स्टेशन परिसर में बाहरी तत्वों का जमावड़ा चिंता का विषय है। जिम्मेदारों से समस्याओं के निदान की बात तो दूर उन्हें यह सब समस्याएं नजर तक नहीं आती हैं। वाहनों के नियम विरुद्घ पार्किंग करने के नाम पर कोतवाली पुलिस और जीआरपी की सीमा विवाद के अलावा जिम्मेदारों के पास कुछ नहीं है।
इनसेट-
रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ड्यूटी और मुस्तैदी के नाम पर रस्म अदायगी करती दिख रही है। आरपीएफ अभिलेखों के माध्यम से बेहतर ड्यूटी का डंका पीट रही है। स्टेशन अधीक्षक रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थाओं से अंजान हैं। यह हाल चंदौसी रेलवे स्टेशन पर जिम्मेदारों का है। किसी को यात्रियों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। समस्याओं के समाधान की बात तो दूर किसी को बेहद गंभीर मुद्दों के बारे में जानकारी तक नहीं है।
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फोटो के साथ
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