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न महिलाओं ने की फिक्र, न पुरुषों को हुआ सब्र

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भाइयों के घर जाने को महिलाओं ने उठाईं मुसीबतें
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त्योहार के मौके पर खचाखच रहीं बस और ट्रेन, गंतव्यों पर पहुंचने के लिए दिखी मारामारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी। त्योहार पर अपने गंतव्यों को जाने के लिए मारामारी रही। शनिवार को भैयादूज के मौके पर बसों और ट्रेनों में भारी भीड़ भाड़ रही। भाइयों के घर जाने के लिए महिलाओं को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। सीट पाने के लिए न तो महिलाओं ने फिक्र की। न ही पुरुषों ने सब्र किया। गेट के रास्ते न सही खिड़की के रास्ते ही ट्रेनों में घुस गए। दिन भर रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर ऐसे ही नजारे देखने को मिले। जान जोखिम में डालकर अपने गंतव्य के लिए लोगों ने यात्रा की।
भैयादूज के पर्व पर यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। हर त्योहार की तरह बेहद जानलेवा सफर कर वह अपनी मंजिल तक पहुंचे। रोडवेज के तमाम दावे शनिवार को धड़ाम हो गए। बसों में जहां हालत खराब रही। वहीं ट्रेनों की स्थिति बेहद खतरनाक थी। यात्रियों ने छतों पर चढ़कर सफर किया। ट्रेन आने से पहले ही ट्रैक के दोनों ओर भीड़ लग गई। रेलवे कानूनों का धता बताते हुए यात्री ट्रेन पर सवार हुए। सुरक्षा बल भी कोई सख्ती नहीं दिखा पाए। रोडवेज स्टेशन पर भी ऐसा ही माहौल रहा। रोडवेज के फेरे बढने से यात्रियों का भार कुछ कम रहा। रोडवेज को एक ही दिन में हजारों रुपये का फायदा हुआ है। ट्रेनों में कोच की कमी के चलते यात्री परेशान रहे।
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सीट को लेकर ट्रेनों में होता रहा विवाद
चंदौसी। ट्रेनों में भीड़ भाड़ के चलते यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर थे। 90 यात्रियों के कोच में 250 से अधिक यात्री सवार थे। ऐसे में सीट के लिए झगड़े होना लाजमी था। जीआरपी भी दिन भर कानून का पालन करने के बजाए छोटे-मोटे विवाद ही सुलझाती रही। सुबह बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ऊना हिमाचल एक्सप्रेस में सीट को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मारपीट हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीचबचाव कराया। दिन भर में ऐेसे कई मामले प्रकाश में आए।

त्योहार पर ट्रेनों और बसों में भीड़ भाड़, जिम्मेदार बेपरवाह
रेलवे ने त्योहार पर भी नहीं की व्यवस्था, पैसेंजर ट्रेनों में कोच न होने से समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी। त्योहार पर भी रेलवे प्रशासन इंतजाम नहीं कर पाया। पैसेंजर ट्रेनों में यात्री बुरी हालत में सफर करने को मजबूर दिखे। पैसेंजर ट्रेनों में कोच की कमी है। जिसके चलते यात्रियों को समस्या हो रही है। रोडवेज बसों में भी भीड़ भाड़ का माहौल है। हालांकि त्योहार के चलते रोडवेज ने अपने फेरे बढ़ा दिए हैं। इससे यात्रियों को थोड़ी सहूलियत हुई है।
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दिवाली से शुरू हुई मशक्कत भाईदूज पर बड़ी समस्या बनकर लोगों के सामने आई। ट्रेनों और बसों में भीड़ भाड़ का माहौल रहा। त्योहार पर यात्री सुविधाओं का ध्यान रखने के बजाए रेल प्रशासन ने लापरवाही दिखाई है। पैसेंजर ट्रेनों की हालत ये है कि उनमें कोच की कमी के कारण यात्री बुरी तरह भरकर सफर करने को मजबूर हैं। अलीगढ़ और बरेली की ओर से आने वाली पैसेंजर ट्रेनों की हालत खस्ता है। दिन के समय में चलने वाली सभी ट्रेनों में कोच की कमी है। अलीगढ़ से सुबह के समय आने वाली अलीगढ़ मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन में 10 कोच प्रस्तावित हैं। लेकिन तीन कोच कम चल रहे हैं जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय रेल प्रशासन इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि त्योहारों पर कोच बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाता है। इसके बाद की कार्रवाई उच्चाधिकारियों को ही देखनी होती है।
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फोटो के साथ
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