शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा-मृत्यू
बहजोई। अब हद हो गई जागो-जागो, मोदी-योगी जागो का नारा लगाते हुए सैकड़ों समायोजित शिक्षामित्र हाथों में तिरंगा लहराते हुए कलक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। करीब डेढ़ घंटे तक एनएच शिक्षामित्रों के कब्जे में रहा। इच्छा-मृत्यु की मांग करते हुए शिक्षामित्रों ने राष्ट्र्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस बीच कुछ महिला शिक्षामित्रों की हालत भी बिगड़ी, जिससे शिक्षामित्रों की प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई। मौका था समायोजित शिक्षामित्रों के छठवें दिन के धरना प्रदर्शन का।
सोमवार को सुबह दस बजे करीब खासी तादाद में शिक्षामित्र बीएसए दफ्तर पहुुंच गए। धरना की शुरूआत में जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि आज छह दिन बीत गए, लेकिन केंद्र व राज्य ने समायोजित शिक्षामित्रों की ओर पलटकर भी नहीं देखा। यह लोकतंत्र का हनन नहीं तो और क्या है? कि जब देश में लाखों की संख्या में बेरोजगार होने जा रहे हैं और सरकार अभी तक गंभीरता नहीं दिखा रही है। श्रीराम सैनी ने कहा कि समायोजन निरस्त हो गया है तो इसमें शिक्षामित्रों की क्या कमी है? क्यों आज शिक्षािमत्र परिवार समेत सड़क पर आने को मजबूर है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेकर रोजगार दे, तो फिर यह धरना और प्रदर्शन क्यों करने पड़ें। धर्मपाल, उमेश कुमार सौली, रविंद्र खारी, अशोक यादव, कमलेश व ओमवती ने विचार रखे। इसके बाद दोपहर तीन बजे करीब सैकड़ों की तादाद में जिले भर के समायोजित शिक्षामित्र बीएसए दफ्तर से हाथों में तिरंगा लहराते व नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। सब्जी मंडी, मोहल्ला कुरेशियान, पजाया रोड व चंदौसी रोड होते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां करीब घंटे भर तक मुरादाबाद-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर व लेटकर शिक्षामित्रों ने जमकर नारेबाजी की। अपराह्न चार बजे करीब कलक्ट्रेट पर पहुंचकर शिक्षामित्रों का हुजूम जमीन पर बैठ गया और हाथ में इच्छा-मृत्यु का शपथ पत्र लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब आधा घंटे तक एनएच पर धरना देने के बाद डीएम के ज्ञापन लेने की जिद पर अड़े शिक्षामित्रों का प्रदर्शन और उग्र हो गया। डीएम को कलक्ट्रेट के बाहर बुलाकर ज्ञापन देने की मांग तेज हो गई। इस बीच कुछ महिला शिक्षामित्रों की हालत भी बिगड़ने लगी। एंबुलेंस के न पहुंचने पर शिक्षामित्र प्रशासन से नाराजगी जताते हुए नारेबाजी करने लगे। शिक्षामित्र पदाधिकारियों ने एसडीएम चंदौसी को राष्ट्रपति को संबोधित इच्छा-मृत्यु का मांग-पत्र सौंपा। इसके बाद राष्ट्रगान कर सभी शिक्षामित्र वापस लौट गए। नेमपाल, शिवराज, धर्मपाल, अंकित, धर्मवीर, श्रीपाल, महावीर, रोहताश, सुरेंद्र, केपी यादव, ज्ञानचंद, अरविंद, चंद्रभान, नितिन चौधरी, कुलदीप, हाजी मोहम्मद तल्हा, ऋतु, रुचि शर्मा, दिव्या त्यागी, लक्ष्मी व रश्मि आदि महिला व पुरुष शिक्षामित्र मौजूद रहे।