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दाखिला नहीं देने पर निरस्त होगी मान्यता

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मुरादाबाद। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में लाटरी से चयनित बच्चों को निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं। स्कूलों ने फर्जी तरीके से आरटीई की सीटों पर दूसरे बच्चों का प्रवेश दर्शा दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराने पर इसका खुलासा हुआ है। बीएसए ने स्कूल प्रबंधकों को चयनित बच्चों को दाखिला नहीं देने पर मान्यता निरस्त करने, विभाग को गुमराह करने के आरोप में कार्यवाही की चेतावनी जारी की है।
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आरटीई मानक में निजी स्कूलों के लिए कक्षा एक में 25 फीसदी सीटें गरीब और अनुसूचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है। स्कूलों में दाखिला आवेदनों की 24 अप्रैल को लाटरी निकाली गई। 1619 आवेदनों में 1313 बच्चों को स्कूल आवंटित हो गए, जबकि 306 आवेदकों को सीटें नहीं मिल पाई। पांच मई तक स्कूलों को चयनित बच्चों का दाखिला करना था। सीटें नहीं मिलने से परेशान अभिभावकों ने निजी स्कूल प्रबंधकों की हेराफेरी की जिलाधिकारी से शिकायत की थी। आरोप था कि स्कूलों ने आरटीई की सीटें फर्जी तरीके से भर दी हैं, जिससे उनके बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
डीएम के आदेश पर बीएसए और नगर शिक्षा अधिकारी ने चार मई को मुरादाबाद शहर के निजी स्कूलों में छापामारी की। स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिले लेने वाले बच्चों का भौतिक सत्यापन कराया। सत्यापन में कागजों में 74 निजी स्कूलों में 153 बच्चों को दाखिला दर्ज था। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को स्कूलों की ओर से दी गई सूचना से मिलान कराया। स्कूलों ने मात्र 42 बच्चों के दाखिले की जानकारी दी गई थी। स्कूलों की ओर से दी गई जानकारी और भौतिक सत्यापन में आरटीई में 111 बच्चों के दाखिले में गड़बड़ी मिली। बीएसए ने स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर चयनित बच्चों का दाखिला नहीं करने पर मान्यता निरस्त करने के साथ गुमराह करने के आरोप में कार्यवाही की चेतावनी दी है।
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पीए और आपरेटर पर वसूली का आरोप
मुरादाबाद। आरटीई के अंतर्गत बच्चों के दाखिले के नाम पर वसूली करने की शिकायत पर बीएसए ने वैयक्तिक सहायक नरपाल सिंह और कंप्यूटर आपरेटर अब्दुल गफ्फार से लिखित जवाब तलब किया है। बीएसए ने कहा कि करूला निवासी अफरोज जहां ने दोनों ही कर्मियों पर वसूली की डीएम और मंडलीय सहायक निदेशक से शिकायत की थी। इसके बाद ही इसकी जांच शुरू की गई है।
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