आयकर दबाए बैठे 350 प्रतिष्ठानों के खिलाफ 15 दिसंबर के बाद आयकर विभाग ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इन प्रतिष्ठानों की आमदनी बढ़ी है लेकिन इनकम टैक्स जमा नहीं हुआ है। जीएसटी सहित कई विभागों से उत्पादन और बिक्री केअभिलेख लेकर आयकर विभाग की विशेष टीम ने इनकी गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इस वित्तीय वर्ष में एडवांस टैक्स जमा करने की तीसरी किश्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर है। पिछले दो तिमाही में इन औद्योगिक इकाइयों ने मानक के अनुसार टैक्स जमा नहीं किया है। नियम है कि पहली तिमाही 15 जून तक 15 फीसदी, दूसरी तिमाही सितंबर तक 45 फीसदी और तीसरी तिमाही 15 दिसंबर तक 75 फीसदी एडवांस टैक्स जमा होना चाहिए। दो तिमाही यानी की 15 सितंबर तक 556 करोड़ की तुलना में मात्र 150 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स जमा हुआ है। इतना कम टैक्स जमा होने पर विभाग के उच्च अधिकारी गंभीर हैं।
एडवांस टैक्स जमा न करने वाली सर्वाधिक 215 निर्यातक और औद्योगिक इकाइयां मुरादाबाद जिले की हैं। इसके बाद रामपुर, बिजनौर, बदायूं, संभल और अमरोहा की हैं। इन सभी की पिछले पांच साल के रिटर्न और फाइलों की जांच में आयकर विभाग की विशेष जुटी हुईं हैं। इनकी ओर से 15 दिसंबर तक एडवांस टैक्स जमा होने का इंतजार किया जा रहा है। उसी के बाद सर्वे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ निर्यातक और औद्योगिक इकाइयों में छापामारी के लिए उनका ब्योरा मुख्य आयकर आयुक्त को भेज दिया गया है। जिसकेआधार पर आयकर विभाग की एसआईबी टीम उनकेअभिलेख और पांच साल के रिटर्न की गहनता से पड़ताल कर रहीं हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में 432 करोड़ केटैक्स की तुलना मे 453 करोड़ का राजस्व मिला था। इस बार अब तक 556 करोड़ की तुलना में 150 करोड़ का ही राजस्व मिल पाया है।
नोटबंदी केबाद रिटर्न बढ़े
मुरादाबाद। आयकर आयुक्त मुरादाबाद रेंज में नोटबंदी केबाद पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष में 48 हजार अधिक रिटर्न भरे गए। इन रिर्टन के आधार पर टैक्स तो बढ़ा लेकिन रिटर्न की संख्या केहिसाब से कम था। अब तक जिले में रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है। अब विभाग का जोर रिटर्न के साथ-साथ आयकर बढ़ाने पर है।
‘15 दिसंबर तक एडवांस टैक्स बढ़ाने पर जोर है। इसकेबाद टैक्स अदा न करने वाले प्रतिष्ठान और निर्यातकों के खिलाफ सर्वे अभियान चलेगा। टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए काफी मामले उच्च अधिकारियों को विस्तृत जांच के लिए भेज दिए गए हैं।’ यदुवीर सिंह, संयुक्त आयुक्त आयकर