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अफसरों की उदासीनता से बंद होने की कगार पर स्कूल, महीनों से सिर्फ प्रधानाध्यापक के भरोसे

Fri, 16 Nov 2018 02:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की उदासीनता से भूड़ा प्राथमिक विद्यालय दोबारा से बंदी की कगार पर खड़ा हो गया है। अफसरों की नाक के नीचे स्कूल महीनों से प्रधानाध्यापक के भरोसे चल रहा है। प्रधानाध्यापक की मार्च में सेवानिवृत्ति होनी है। स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से स्थानीय लोगों ने बीएसए से गुहार लगाई है।स्थानीय लोगों के मुताबिक भूड़ा प्राथमिक विद्यालय करीब चार दशक पुराना है। शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से पूर्व में स्कूल बंद हो चुका है। स्थानीय लोगों के प्रयासों से स्कूल खुलवाया गया। पिछले कई सालों से स्कूल एकल विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है।

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स्थानीय निवासी प्रेम कुमार के मुताबिक चार महीने पूर्व स्कूल में तैनात दो शिक्षा मित्रों का तबादला हो गया। इसके बाद से स्कूल प्रधानाध्यापक सुधा रानी के भरोसे है। स्कूल में 85 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापिका सुधा रानी सभी कक्षाओं के बच्चों को सामूहिक रूप से पढ़ाती हैं। सुधा रानी के बीमार होने पर स्कूल बंद रहता है। स्कूल संबंधी काम से बीएसए कार्यालय आने पर आधे दिन बाद स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।

स्थानीय निवासी राजू सिंह के मुताबिक प्रधानाध्यापिका स्कूल में शिक्षकों की तैनाती के लिए बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी से कई बार गुहार लगा चुकी है। छमाही परीक्षाओं में भी स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई गई। परीक्षाओं के लिए दो शिक्षा मित्रों का अटैच किया, लेकिन उन्होंने स्कूल में ज्वाइन नहीं किया। स्थानीय निवासी जय कुमार के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। प्रधानाध्यापिका की मार्च में सेवानिवृत्ति है। शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो स्कूल बंद हो जाएगा। स्थानीय कई लोगों ने बीएसए से स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए ज्ञापन भी सौंपा है। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
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दो शिक्षा मित्रों के मूल विद्यालयों में वापस जाने से भूड़ा स्कूल में शिक्षकों का संकट हुआ है। जल्द ही स्कूल में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। - डा. मीना मनराल, खंड शिक्षा अधिकारी

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