मेरठ में बुलाई गई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंत्रियों, भाजपा विधायकों और भाजपा व अपने दूसरे संगठनों के अहम ओहदेदारों की बैठक में राष्ट्रीय स्वयं संघ ने फिर साफ किया है कि मंदिर मुद्दे पर वह दृढ़ता से हिंदू भावनाओं के साथ खड़ा है। लेकिन मंदिर के लिए होने वाली लड़ाई में अगली पंक्ति में पब्लिक को ही खड़ा होना पड़ेगा। कानून बनाने के लिए संघ सरकार पर सीधा दबाव नहीं डालेगा। बल्कि पब्लिक की आवाज को इसके लिए हथियार बनाया जाएगा। संघ ने नौ दिसंबर को लोगों से दिल्ली कूच का आह्वान किया है। दिल्ली की इस रैली में पब्लिक की मौजूदगी और मिजाज से आगे की रणनीति तय होगी।
मेरठ में गुरुवार को हुई संघ की इस अहम बैठक में मंडल से कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्यमंत्री गुलाब देवी समेत मंडल के कमोबेश सभी भाजपा विधायक, जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और निकायों के अध्यक्ष भी मौजूद रहे। संघ का स्पष्ट संदेश है कि सरकार के मंत्री, भाजपा विधायक और दूसरे पदों पर मौजूद भाजपाई मंदिर मुद्दे पर खुले तौर पर जनभावनाओं के साथ खड़े नजर आएं। मंदिर मुद्दे को धार देने का जिम्मा भी भाजपाइयों को दिया गया है। आरएसएस के प्रांत प्रचारक धनीराम ने कहा है कि मंदिर मुद्दे पर अब और इंतजार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट फैसला दे या फिर सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करे। संघ ने मंदिर निर्माण के लिए जनता का एकजुट करने का संदेश भाजपा नेताओं को दिया है। नौ दिसंबर को दिल्ली में रामलीला मैदान में मंदिर मुद्दे पर होने जा रही रैली में बड़ी संख्या में भीड़ ले जाने का जिम्मा भाजपाइयों को उनके ओहदों के हिसाब से दिया गया है। मुरादाबाद मंडल से करीब 1500 बसें ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। संघ की कोशिश है कि रैलियों में बड़ी संख्या में भीड़ पहुंचे जिससे मंदिर मुद्दे को और भी धार मिल सके।