यज्ञ से सारी समस्याओं का समाधान संभव- दंडी स्वामी
बिलारी। नगर के मोहल्ला शांतिपुरम में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के तीसरे दिन शनिवार की शाम भूमानिकेतन हरिद्वार से आए दण्डी स्वामी लवकुश आश्रम ने कहा कि यज्ञ से सारी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि रघुवंश की उत्पत्ति यज्ञ भगवान के आशीर्वाद से हुई। एक बार दक्ष प्रजापति ने अहंकार वश यज्ञ किया तब भगवान शिव ने उसका विध्वंश करा दिया। दंडी स्वामी बोले कि यज्ञ न होने की वजह से ही मौसम का असंतुलन बढ़ा है। उन्होंने आगे कहा कि यज्ञ में समर्पित की जाने वाली एक आहुति से 50 जीवाणु संतृप्त होते हैं। खासकर आसुरी प्रवृत्ति वाले जीवाणु इससे संतुष्ट होकर अहित नहीं करते थे। परन्तु आज उन्हें भी खुराक मिलनी बंद हो गई तब वह विनाशकारी कार्य कर रहे हैं। स्वामी जी ने आगे कहा कि घर में प्रथम भगवान हमारे माता पिता हैं, फिर गुरू का वंदन करना चाहिए। बड़ों का सम्मान और उनकी आज्ञा का पालन करने से हमें सदमार्ग मिलता है और कोई व्याधा नहीं सताती है।
---------------------
परिवारों को जोड़ना है मंगलम परिवार का उद्देश्य
बिलारी। नगर में झंडा रोड स्थित समाजसेवी मोहनलाल शर्मा के आवास पर मंगलम परिवार की एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज द्वारा पूरे भारत में मंगलम परिवार के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मंगलम परिवार का उद्देश्य परिवारों को जोड़ना, मनमुटाव दूर करना, सभी प्रकार के व्यसनों से बचना, परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण लाना, वृक्ष लगाना, देवताओं को प्रसन्न करने हेतु हवन करना, अमावस्या पर अपने पितरों की शांति के लिए हवन करना आदि हैं। मोहनलाल शर्मा ने कहा कि हरे राम की 16 आहुति, हरे कृष्णा की 24 आहुति, गायत्री मंत्र की 11 आहुति और महामृत्युंजय मंत्र की आहुति देकर हवन करें। सांयकाल परिवार के साथ 16 बार महामंत्र का जाप करके एक साथ भोजन करें। ऐसा करने से हमारे पूर्वज और देवता खुश होकर हमेें आशीर्वाद देते हैं। गोष्ठी का संचालन आचार्य ओम शास्त्री द्वारा किया गया। गोष्ठी में मुन्ना श्रोती, मुकुल पांडेय, अवधेश शर्मा, डा. रामसरन, विोद मिश्र, जगदीश गुप्ता, तरूण कपूर, राजीव सक्सेना आदि ने विचार रखे।