महानगर के वार्ड पांच में निर्माणाधीन नाले को बुधवार को नगर निगम की टीम ने गिरा दिया। ठेकेदार इस नाले का निर्माण रात में करा रहा था। पार्षद ने नाला निर्माण में मानकों का पालन न होने का आरोप लगाते हुए इसको रोकने की मांग की थी।
वार्ड पांच के मऊ गांव में नगर निगम की ओर से नाले का निर्माण करराया जा रहा है। पार्क के बराबर से जाकिर के मकान तक 34 लाख रुपये की लागत से इस आरसीसी नाले का निर्माण होना है। क्षेत्रीय पार्षद सरदार सुदेश कुमार का आरोप है कि नाला निर्माण में सीमेंट के स्थान पर बालू रेत और सरिया के स्थान पर मोटा तार डाला जा रहा है। टेंडर में निर्माण सामग्री का पूरा उल्लेख होने के बावजूद उसको नहीं लगवाया जा रहा है। नगर आयुक्त ने इसकी शिकायत मिलने पर निर्माण जेई की मौजूदगी में कराने के आदेश दिए थे। जिसकेचलते नाला निर्माण रोक दिया गया था। मंगलवार रात में दर्जनों मजदूरों के साथ नाला निर्माण का काम शुरू करा दिया। इस दौरान मौकेपर पहुंचे पार्षद ने आसपासक े लोगों के साथ मिलकर हंगामा किया था। मौकेपर पहुंची पुलिस ने नाले का निर्माण रुकवा दिया था। बुधवार को नगर आयुक्त के आदेश पर निर्माण विभाग का जेई टीम के साथ मौके पर पहुंचा और रात में बनाए गए नाले को गिरा दिया। फिलहाल नाला निर्माण पर रोक लगा दी गई है। ठेकेदार का कहना है कि पार्षद को कुछ गलतफहमी हो गई है। नाले में मानकों के अनुसार सामान लगवाया जा रहा है। जेई से बात हो गई हैं, अब निर्माण शुरू हो जाएगा।
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जनता के टैक्स केरुपये का बंदरबांट नहीं होने दिया जाएगा। नगर आयुक्त की मौजूदगी में नाले की निर्माध सामग्री का सैंपल लेकर लैब से टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर अफसर निर्माण को मानकों के अनुरूप मानते हैं तो हैं हमने आपत्ति नहीं है।
= सरदार सुदेश कुमार, पार्षद।
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