घर से लेकर बाजार, सरकारी गैर सरकारी दफ्तर से लेकर फैक्ट्री और फर्म से लेकर कारखाने सभी जगह ईद के त्योहार की तैयारियां तेज हो गई हैं। दूरदराज रह रहे लोग अपने घर वापसी की तैयारियों में जुटे हैं। ट्रेनों में टिकट बुक कराने वालाें की संख्या में भी इजाफा हो चला है। लेकिन पिछले सात माह से जिस धीमी गति से गाड़ियां दौड़ रही हैं। उससे तो ऐसा ही लगता है कि कहीं इस बार लोगों को ट्रेन में ही ईद का त्योहार न मनाना पड़ जाए।
पिछले कई माह से ट्रेनें विलंब से चल रही है। पहले लंबी दूरी की गाड़ियों की लेट लतीफी थी। अब कम दूरी की यात्री गाड़ियां भी लेट चल रही हैं। जिसे लेकर यात्रियों में हाहाकार मचा हुआ है। तीन घंटे का सफर तय करने के लिए यात्रियों को पांच से दस घंटे तो ट्रेन के इंतजार में ही स्टेशन पर बैठना पड़ रहा है। ट्रेनों को जहां तहां रोक कर मालगाड़ियां दौड़ाई जा रही है। आउटर और स्टेशन से दूर खड़ी गाड़ियां में यात्री पानी के लिए तरस रहे तो बच्चों को दूध तक नहीं मिल पा रहा है। होली, छठ पूजा समेत कई त्योहार ऐसे निकल गए। जब लोग ट्रेनों की लेट लतीफी की वजह से समय पर अपने घर नहीं पहुंच पाए हैं। अब ईद का त्योहार नजदीक आ गया है। लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी है। रेल मंत्री की फटकार के बाद भी ट्रेनों की चाल में कोई सुधार नहीं आ सका है। समर स्पेशल गाड़ियाें भी देरी से चल रही हैं। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि लगातार ट्रेनों की चाल में सुधार किया जा रहा है। जल्द ही सभी गाड़ियां समय से दौड़ने लगेंगी।
लेट गाड़ियां
- शहीद एक्सप्रेस 14 घंटे 18 मिनट
- लिंक एक्सप्रेस 04 घंटे 35 मिनट
- कुंभ एक्सप्रेस 01 घंटे 35 मिनट
- पुरबिया एक्सप्रेस 04 घंटे 38 मिनट
- अवध असम एक्सप्रेस 04 घंटे
- गोरखपुर आनंद विहार 06 घंटे
- हिमगिरी एक्सप्रेस 03 घंटे 34 मिनट
- जलंधर कटिहार एक्स 08 घंटे
- गरीब रथ एक्सप्रेस 04 घंटे
- डबल डेकर 02 घंटे
- जननायक एक्सप्रेस 04 घंटे
- सप्तक्रांति एक्सप्रेस 02 घंटे 50 मिनट
- जम्मूतवी एक्सप्रेस 03 घंटे 15 मिनट
- गंगा सतलज एक्सप्रेस 01 घंटे 24 मिनट