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पकड़े गए लुटेरों ने नहीं की थी हमारे घर पर लूट, पुलिस बोल रही झूठ

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मैनेजर का दावा : लूट की वारदात में बावरिया गिरोह का हाथ नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
गाजियाबाद की सिहानी गेट पुलिस ने वेस्ट यूपी में 50 से अधिक वारदात कर चुके बावरिया गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पकडे़ गए बदमाशों में से दो ने नया मुरादाबाद सेक्टर 12 में रहने वाले रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर हुई पांच लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन पीड़ित ने पुलिस खुलासे को फर्जी करार दिया है। रिटायर्ड बैंक मैनेजर का कहना है कि पकडे़ गए लुटेरों में से एक ने भी उनके घर वारदात नहीं की है।
नया मुरादाबाद में रहने वाले स्टेट बैंक के रिटायर्ड मैनेजर राजेश कुमार और उनकी पत्नी ऊषा किरण को सिहानी गेट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बावरिया गिरोह के बदमाशों की तस्वीर दिखाई गई तो उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त पकडे़ गए बदमाशों में से एक भी उनके घर में नहीं घुसा था। उनका दावा है कि बदमाशों ने एक घंटे तक उनके घर में रहकर वारदात की है, विरोध जताने पर दंपति को पीटा गया है। वह तीनों बदमाशों का चेहरा पहचानते हैं। पुलिस झूठ बोल रही है कि इन्हीं बदमाशों ने वारदात की है। असली लुटेरे अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पीड़ित दंपति ने बताया कि मझोला पुलिस ने इसी वजह से अब तक उनसे संपर्क भी नहीं किया है, न ही खुलासे की सूचना दी।
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पकडे़ गए बदमाशों ने ही की थी लूट: एसएसपी
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस द्वारा पकडे़ गए बावरिया गिरोह के पांच बदमाशों में से दो ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। वारदात में एक आरोपी जो कि पूर्व में पीड़ित के घर नौकर रह चुका है। वह फरार है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। खुलासा सही है, क्योंकि सर्विलांस के जरिए पहले ही बदमाशों को ट्रेस किया जा चुका था। घटना के वक्त वह नया मुरादाबाद में ही थे।
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बावरिया गिरोह के इन पांच बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा
गाजियाबाद।राजनगर एक्सटेंशन में चेकिंग के दौरान कार सवार पांचों बदमाशों को पकड़ा गया है। उनकी निशानेदेही पर डेढ़ लाख की ज्वैलरी बरामद की गई है। एसपी सिटी आकाश तोमर ने बताया कि पांचों बदमाश बावरिया गिरोह के सदस्य हैं, जो पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, गाजियाबाद के अलावा उत्तराखंड के रुढ़की और हरिद्वार समेत कई जिलों में 50 से अधिक वारदातें कर चुके हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये छत के रास्ते घर में घुसते और चोरी करते। जाग होने पर हथियार से लोगों की हत्या कर देते थे। पकड़े गए आरोपी सोनू निवासी अमरोहा, विनोद निवासी सिल्वर सिटी लोनी, दीपक निवासी रेवाड़ी, अरुण निवासी भरतपुर राजस्थान और श्रीराम निवासी मेरठ हैं। वर्तमान में सभी लोनी में रह रहे थे और कार से वारदात को अंजाम देने जाते थे। गिरोह के आठ बदमाश अभी फरार हैं।

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