रामपुर। लोकसभा चुनाव के सियासी रण में योद्धा तैयार हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपने अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है और इसके साथ ही रामपुर का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। क्योंकि, आजम खां और जयाप्रदा के रिश्ते बेहद तल्ख हैं। दोनों में पहले भी जुबानी तीर चल चुके हैं। यह बात अलग है कि पहले आजम खां और जयाप्रदा एक दूसरे के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ रहे थे। लेकिन, इस बार दोनों ही आमने सामने होंगे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह चुनाव बेहद खास होगा।
रामपुर संसदीय सीट का चुनाव तीसरे चरण में है। यहां 28 मार्च से नामांकन होंगे, तो 23 अप्रैल को मतदान होगा। ऐसे में चुनाव को लेकर सियासी दलों की ओर से भी तैयारी पूरी की जा चुकी है। रामपुर की बात की जाए तो यह सीट बेहद महत्वपूर्ण है। इस बार कोई भी दल चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहता। लिहाजा, कई दौर के सर्वे के बाद प्रत्याशियों का एलान किया गया। समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री आजम खां को चुनाव मैदान में उतारा है। वह नौ बार से शहर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो समाजवादी सरकार में ताकतवर मंत्री भी रहे हैं। ऐसे में इस बार उनके साथ ही साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। कांग्रेस ने राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर को मैदान में उतारा है। वह दो बार बिलासपुर क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। लेकिन, इस बार भाजपा के बलेदव सिंह औलख ने उन्हें हरा दिया था। यह देखते हुए भाजपा ने भी पूरी तैयारी के साथ मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। भाजपा ने आजम खां की धुर विरोधी फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को उम्मीदवार घोषित किया है। जयाप्रदा इससे पहले समाजवादी के ही टिकट पर 2004 से लेकर 2014 तक संसद में रामपुर का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।