मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम और कमिश्नर से कहा है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले और बड़े किसानों को न तो प्रधानमंत्री सम्मान योजना का लाभ मिलेगा, न ही किसी भी तरह का अनुदान ले सकेंगे। इस आदेश के बाद कृषि विभाग केअधिकारियों ने जिले के करीब 35 हजार बड़े किसानों को सरकार की सभी योजनाओं से अलग कर दिया है।
मुख्य सचिव ने आदेश में भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पदधारकों को किसान सम्मान तथा अन्य योजनाओं से अपात्र घोषित किया है। जिसमें भूतपूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्य मंत्री,लोकसभा सदस्य राज्य सभासदस्य, राज्य विधान सभा सदस्य, राज्य विधान परिषद सदस्य, भूतपूर्व अथवा वर्तमान महापालिका के मेयर,पूर्व एवं वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं। इसी तरह केंद्र एवं राज्य सरकार के समस्त विभागों के कर्मचारी,विगत वर्षों में आयकर भुगतान करने वाले लघु एवं सीमांत कृषक भी अपात्र होंगे। 10 हजार तक या उससे अधिक पेंशनधारक सेवानिवृत्त कर्मी भी अपात्र होंगे। इसके अलावा पेशेवर डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड एकाउंड्डेंट, आर्कीटेक्ट जो पंजीकृत हैं और अपना पेशाकर रहे हैं जिनको अपात्रता की सूची में रखा गया है। जिसका उल्लंघन करने पर जारी लाभ भू-राजस्व की तरह वसूला जाएगा।