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मौसम की मार से बीमार पड़ रहे बच्चे और बुजुर्ग, अस्पतालों में बढ़ी भीड़

Sun, 03 Feb 2019 01:50 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मौसम के अचानक करवट बदलने से बच्चों से लेकर बुजुर्गों की समस्या बढ़ गई है। सुबह और शाम की ठंडी हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। निजी और सरकारी अस्पतालों में गले और सीना जकड़ने, खासी जुकाम के साथ बुखार के मरीज पहुंचने लगे हैं। बुजुर्गों में दमे और ब्लड प्रसर की शिकायत बढ़ गई है। जिला अस्पताल में शनिवार को बाल रोग विभाग, स्किन, जनरल एवं चेस्ट फिजीशियन की ओपीडी में जबर्दस्त भीड़ रही। यही हाल निजी अस्पतालों का रहा।
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एक फरवरी से मौसम ने फिर करवट बदली है। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में हिमपात और बारिश होने मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। शनिवार दोपहर तक ठंड रही। थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे बीमार होने लगे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक बच्चों में बुखार, सीने, गले में संक्रमण, नाक बहने की शिकायत बढ़ गई है। कई बच्चे निमोनिया और डायरिया के भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। चेस्ट फिजीशियन डा. प्रवीण शाह के मुताबिक मौसम एहतियात बरतने का है। सुबह एवं शाम की ठंड और दोपहर में गर्मी होने से लोग पहनावे की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। इससे ठंड सीने को जकड़ रही है। बच्चों से लेकर बड़ों में बलगम के साथ खांसी की समस्या बढ़ गई है।

सीएमएस डा. ज्योत्सना पंत के मुताबिक मौसम ने बुजुर्गों की परेशानी भी बढ़ा दी है। ठंड में ब्लड प्रेसर की सबसे अधिक शिकायत होती है। दवाओं की डोज बढ़ानी पड़ती है। दमे के अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। डा. पंत के मुताबिक शनिवार को अस्पताल की ओपीडी में ब्लड प्रेसर और दमे के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही।
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आंखों में जलन और खुजली के मरीज भी बढ़े
कांठ रोड एवं सिविल लाइन समेत कई इलाकों में शुक्रवार देर रात तक जहरीली गैस से लोग परेशान रहे। आंखों में जलन, दिल की धड़कन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत को लेकर कई मरज अस्पताल पहुंचे। अधिकतर मरीजों ने शरीर में खुजली की शिकायत भी बताई। त्वचा एवं आंखों की ओपीडी में लोग जांच कराने पहुंचे।

हड़ताल खुलने से मरीजों को राहत
मुरादाबाद। एनएचएम के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के स्थगित होने से डाक्टर एवं अन्य स्टाफ कर्मचारी शनिवार को काम पर लौट आए। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा जिला अस्पताल में मरीजों को काफी राहत मिली। जिला अस्पताल में शुगर की जांच नहीं होने से मरीजों का भटकना पड़ रहा था। शनिवार को शुगर और ब्लड प्रेसर की जांच कराने वालों की काफी भीड़ रही। टीबी जांच सेंटर में भी मरीजों की लाइन लगी। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों का टीकाकरण, दवा वितरण, जांचें होने से मरीजों ने राहत की सांस ली।

86.1 फीसदी पहुंचा टीकाकरण
मुरादाबाद। नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा कर्मियों के काम पर लौटने से मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान ने पहले ही दिन रफ्तार पकड़ ली। शनिवार को टीकाकरण 86.1 फीसदी पहुंच गया। मंगलवार तक 95 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद आबादी क्षेत्र में टीकाकरण कराया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि संविदा कर्मियों की हड़ताल से टीकाकरण बाधित रहा। हड़ताल स्थगित होने से एएनएम काम पर लौट आई। डा. वर्मा ने बताया कि शनिवार को ताजपुर, ठाकुरद्वारा, मूंढापांडे, भोजपुर ब्लाक में 95 फीसदी का लक्ष्य पूरा हो गया है। शहरी जोन में भी मंगलवार तक 95 फीसदी लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
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