प्रदेश सरकार ने बिजनौर से लेकर बलिया तक गंगा के किनारे हरित पट्टी विकसित करने के लिए गंगा हरितमा अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत गंगा के दोनों साइड एक - एक किमी तक सरकारी व निजी भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा। अनुसूचित जाति के किसानों की भूमि पर पौधरोपण सरकारी खर्च पर होगा। वन विभाग के अधिकारी किसानों से संपर्क करके उन्हें इस अभियान में जोड़ने की कोशिशों में जुटे हैं।
मंडलायुक्त राजेश कुमार सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंगा के दोनों साइड उपलब्ध भूमि पर पौधरोपण करने के साथ ही किसानों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए विभाग अपनी ओर से रैली व दूसरे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात अप्रैल को इलाहाबाद में इस योजना का शुभारंभ कर चुके हैं। मुरादाबाद मंडल के वन संरक्षक आरपी वर्मा ने बताया कि मंडल के तीन जिलों बिजनौर, अमरोहा और संभल से होकर गंगा गुजरती है। तीनों जिलों में 220 किमी दूरी तक गंगा के दोनाें साइडों पर पौधरोपण के लिए भूमि चिह्नित की गई है। वन संरक्षक ने बताया कि अभी तक 9.98 लाख पौधों के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि योजना के मुताबिक गंगा के एक किमी के दायरे में आने वाली अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों, गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले किसानों और जॉब कार्ड धारक लोगों की भूमि पर सरकार अपने खर्च पर पौधरोपण कराएगी। सहमति देने वाले किसानों की भूमि पर उनकी पसंद के पौधे लगाए जाएंगे। निजी भूमि पर पौधरोण केवल खेत की मेड़ पर होगा। सरकारी भूमि पर बबलू, गुलहड़, जामुन, शीशम, पीपल, बरगद आदि पौधे लगाए जाएंगे।