मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में मिड डे मील बनवाने की अभी तक व्यवस्था नहीं कर सका है, जबकि एनजीओ द्वारा किए जा रहे वितरण की आखिरी तारीख 20 मई है। शिक्षकों का कहना है कि विभाग की ओर से कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहला लक्ष्य रसोइया की नियुक्ति है। इसके बाद संसाधन उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
मुरादाबाद नगर क्षेत्र के करीब 114 स्कूलों में लगभग 13 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मील उपलब्ध करवाने की व्यवस्था अभी एनजीओ के हाथों में है। निवर्तमान डीएम ने एनजीओ की व्यवस्था को समाप्त कर विद्यालयों में ही मिड डे मील तैयार करवाने के निर्देश दिए थे, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। नए सत्र से यह प्रक्रिया की जानी थी, लेकिन विभाग द्वारा व्यवस्था न कर पाने की वजह से एनजीओ की समय सीमा 20 मई तक बढ़ा दी थी।
प्रधानाध्यापक बोले न बर्तन न बजट
विभाग ने प्रधानाध्यापकों को एक प्रारूप दिया है, जिसमें छात्र संख्या, कक्षों की संख्या, रसोई घर है या नहीं, रसोइया की उपलब्धता, बर्तन, खाद्यान्न, कन्वर्जन कास्ट और गैस की उपलब्धता के साथ एमडीएम खाते की केवाईसी की स्थिति की जानकारी मांगी है। इसमें कई प्रधानाध्यापकों ने लिखकर दिया है कि उनके यहां पर खाद्यान्न, गैस, बर्तनों की उपलब्धता नहीं है और न ही कन्वर्जन कास्ट है। कुछ स्कूलों में रसोई छोटी होने की जानकारी दी गई है।
वर्जन...
सबसे पहले रसोइये की नियुक्ति करने पर हमारा ध्यान है। स्कूलों को कह दिया है कि जहां व्यवस्था नहीं है, वहां पर जून में आने वाली ग्रांट से व्यवस्था की जाएगी। पहले वह गैस के लिए आवेदन कर दें। कनेक्शन स्वीकृत होगा तो भुगतान की जरूरत पड़ेगी। तब तक ग्रांट आने की संभावना है। हम सभी स्कूलों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि हमें पता चल सके कि सुविधाओं को जुटाने में कितना बजट लगेगा। अभी इस संदर्भ में दस मई को दोबारा समीक्षा रखेंगे, जो समस्या आएंगी उसका समाधान किया जाएगा।
वेगीश गोयल, खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र