मुरादाबाद। वर्षों से परेशानियां झेल रहे ग्रामीणों ने इस बार फिर गांगन नदी पर पुल बनवाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वह इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने हमें केवल आश्वासन ही दिया, लेकिन पुल निर्माण को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
मछरिया रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर गांगन नदी है। इस नदी पर रेलवे का पुल है। जिसके सहारे ही आस पड़ोस के लोग भी गुजरते हैं। लेकिन जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए कोई दूसरे पुल का निर्माण नहीं कराया। जिस कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पुल से गुजरने को मजबूर हैं, या फिर 25 किलोमीटर घूमकर शहर तक पहुंचते हैं। 20 अगस्त 2018 को रूस्तमपुर बड़मार निवासी तीन किशोरियों पुल से गुजर रही थीं। इसी दौरान ट्रेन आ गई थी। जिसकी चपेट में आने से तीनों किशोरियों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद आस पड़ोस के ग्रामीण वहां जुट गए और उन्होंने ट्रैक पर कब्जा कर लिया था। जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही दोनों विभाग मिलकर पुल निर्माण को लेकर मंथन करेंगे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। रूस्तमपुर बडमार निवासी मनोज तोमर ने बताया कि हादसे में हम तो अपनी बेटियां गंवा चुके हैं। ऐसा हादसा किसी दूसरे के साथ न हो। इसके लिए यहां पुल बनना जरूरी है। मनोज के अलावा अनुज तोमर, प्रवीण तोमर और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इस बार उन्होंने ठान ली है। वह लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। जब तक अधिकारी उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं देंगे। तब एक भी ग्रामीण मतदान के लिए नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन, डीआरएम, मंत्री और सांसद को कई पत्र दे चुके हैं। लखनऊ तक पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं। लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई है। अब उनका भी वक्त आ रहा है। बता देंगे ग्रामीण पुल न होने की वजह से कितने परेशान हैं। अरविंद कुमार राठौर ने बताया कि उन्होंने हादसे के बाद से दर्जनों बार धरना प्रदर्शन किया। लेकिन आश्वासन से आगे बात नहीं बढ़ पाई।