ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन मुरादाबाद में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ धरना एवं प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने एवं न्यूनतम वेतनमान 21 हजार रुपये करने समेत अन्य मांगों के समर्थन में जुलूस निकाला गया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में दर्जनों आंगनबाड़ी वर्कर एवं सहायिकाएं सुबह रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए। स्टेशन से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में इंपीरियल चौराहा, टाउन हाल, गुरहट्टी होकर कचहरी पहुंचे। कर्मचारी ‘योगी सरकार वादा निभाओ‘ और ‘सात जून के समझौते को लागू करो‘ के नारे और हाथों में बैनर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
वक्ताओं ने खाली पदों पर नई भर्तियां करने, मुख्य सेविका पदों पर पदोन्नति, लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पोषण देने और भ्रष्टाचार एवं दलाली खत्म करने की मांग की। महामंत्री शशि बाला ने कहा कि 27 लाख आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने एवं न्यूनतम वेतनमान कर्मचारियों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को दिल्ली संसद मार्च किया जाएगा। इस दौरान रजनी दिवाकर, भूरी देवी, हेमलता ठाकुर, मधु रानी, कविता यादव, सुमन शर्मा, सुषमा रानी और शालिनी आदि रहे। आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन और आशा कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में भी दर्जनों आंगनबाड़ी वर्कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना देकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।