किसानों को गन्ने की बकाया रकम 31 दिसंबर दिलाने के लिए शासन ने मंडल की आठ मिलों की चीनी सीज करने का निर्णय लिया है। बैंकों से सॉफ्ट लोन, अनुदान और कई बार सख्ती किए जाने के बावजूद इन चीनी मिलों ने किसानों को भुगतान नहीं किया है। आखिर में सीएम के आदेश पर ही सीज करने का प्रशासन ने सख्त फैसला लिया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ में प्रदेश के सभी मंडलों में गन्ने के बकाए की फिर से समीक्षा की। जिसमें बताया गया कि मुरादाबाद मंडल के आठ चीनी मिलों पर किसानों के2.65 अरब रुपये बाकी हैं। उसी के बाद सीएम की ओर से प्रभारी कमिश्नर राकेश कुमार सिंह को निर्देश मिले हैं कि वह 31 दिसंबर तक मिलों की चीनी सीज कर दें। इन मिलों से जो भी चीनी बिके उसकी पूरी रकम किसानों केबकाए में अदा की जाए।
सीएम ने कहा है कि बकाए का भुगतान न होने पर एक जनवरी को इन चीनी मिलों के मालिकों की गिरफ्तारी हो जाए। मिलों तक गन्ना पहुंचाने में किसानों की पूरी मदद की जाए। समीक्षा में बताया गया कि सबसे ज्यादा 47.13 करोड़ रुपये मुरादाबाद की अगवानपुर चीनी मिल पर किसानों केबकाया हैं। दूसरे नंबर पर बिलाई पर 40 करोड़ तथा बेलबाड़ा चीनी मिल पर 38 करोड़ रुपये बकाया हैं। उसके बाद चांदपुर चीनी मिल पर 35.63 करोड़, बिलारी पर 32.20 करोड़, बिजनौर चीनी मिल पर 26.32, करीमगंज पर 23.31 करोड़ और मझावली चीनी मिल पर 22.80 करोड़ रुपये बकाया हैं। प्रभारी कमिश्नर राकेश कुमार सिंह का कहना है कि बकाया राशि वाली मिलों की चीनी सीज कर दी गई है। इस चीनी को प्रशासन की निगरानी में बेचा जा रहा है। इससे मिलने वाली राशि का शत प्रतिशत किसानों को भुगतान किया जाएगा।