मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद नगर आयुक्त ने शहर की सफाई की निगरानी कड़ी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शहर को बीस सेक्टर में बांटकर आला अधिकारियों को सफाई की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। ये अफसर रोजाना सुबह सात से नौ बजे तक क्षेत्रों में घूमकर सफाई और सफाईकर्मियों का निरीक्षण करेंगे। सफाई की रोजाना की रिपोर्ट नगर आयुक्त को देनी होगी।
मुख्यमंत्री ने रविवार को शहर का हवाई सर्वेक्षण कर सफाई का जायजा लिया था। उनको शहर बेहद गंदा मिला था। उन्होंने मेयर से शहर के गंदा होने पर नाराजगी जताई थी। निगम ने आठ जुलाई को वार्डवार पर्यवेक्षक तैनात किए थे। बुधवार को नगर आयुक्त ने उस व्यवस्था को निरस्त कर दिया। अब दूसरी व्यवस्था बनाई गई है। इसमें निगरानी की कमान आला अधिकारियों को सौंप दी गई है। सफाई न होने या कूड़ा न उठने पर संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
जोन संख्या नाम अधिकारी
एक से पांच सुनील कुमार केसरी - 9105900503 - वार्ड - 12, 21, 26, 45, 48, 61, 36, 44, 35, 41, 46, 59, 38, 39, 58, 62, 63, 65, 57 व 66 के लिए।
छह से 11 एसपी श्रीवास्तव - 9105900504 - वार्ड - 40, 49, 55, 56, 67, 68, 25, 31, 50, 70, 06, 42, 64, 02, 47, 54, 19, 17 व 32 के लिए।
12 से 17 तक आशीष शुक्ला - 9105900517 - वार्ड - 05, 08, 13, 18, 07, 10, 34, 15, 23, 16, 20, 01, 03, 09, 14, 22, 28, 29, 37, 53 व 04 के लिए।
18 से 20 तक राकेश कुमार सोनकर - 9105900505 - वार्ड - 11, 24, 27, 43, 52, 60, 51, 30, 69 और 33 के लिए।
महानगर को सुविधा के हिसाब से क्षेत्र बनाकर अधिकारियों को जिम्मा सौंपा गया है। अफसर रोजाना सफाई व्यवस्था की निगरानी कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। वह सफाई कर्मचारियों की गिनती भी करेंगे। इनकी रिपोर्ट केआधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।