मुरादाबाद। नए शासनादेश की वजह से जिले के 12 राजकीय स्कूलों पर शिक्षकविहीन होने का खतरा मंडरा रहा है। शासन ने तत्काल संबद्धीकरण समाप्त कर शिक्षकों को मूल पदों पर भेजने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस का कहना है कि शासन को इस संबंध में पत्र भेजकर संबद्धीकरण की जानकारी दी जाएगी।
मुरादाबाद में पिछले वर्ष 12 नए राजकीय विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था। इन स्कूलों में अभी पद सृजित न होने की वजह से शासन से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने के लिए अन्य राजकीय विद्यालयों से करीब 20 शिक्षकों को नए स्कूलों में संबद्ध कर दिया गया।
वर्तमान में इन विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक में लगभग एक हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसी बीच पिछले दिनों जारी किए गए अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के आदेश ने इन स्कूलों के बच्चों की चिंता बढ़ा दी है।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी किए हैं कि शासन की अनुमति के बिना अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण विभिन्न ऐसे कार्यालयों में किए गए हैं, जहां उनकी मूल तैनाती नहीं है, यह उचित नहीं है। ऐसे में उसके संबद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाए। भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाए, जहां उनकी मूल तैनाती न हो। उन्होंने आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए दस दिन में आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं।