खेल के विकास में बढ़ोतरी के लिए अधिकारी तमाम तरह के दावे करते हैं, लेकिन खिलाड़ी मूल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। छात्रावास वाले खिलाड़ियों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं देने के बाद अब स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी आर्थिक सहायता देने की योजना बन रही है। खेल निदेशक का कहना है कि प्रतिभावान उदीयमान खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।
खेल विभाग प्रदेश के खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हॉकी उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। खिलाड़ियों को 24 हजार रुपये तक की हॉकी और गोलकीपर को करीब डेढ़ लाख रुपये तक की किट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण दिलवाना भी शामिल है, जबकि स्थानीय खिलाड़ियों को हाकी अपने रुपयों से खरीदनी पड़ती है। इसके अलावा गोलकीपर की सिर्फ एक किट है। क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि करीब 950 खिलाड़ी पंजीकृत हैं, जिसमें हाकी में 50 खिलाड़ी हैं। खिलाड़ियों को सिर्फ बॉल दी जाती है, जबकि उन्हें हॉकी भी मिलनी चाहिए। एक किट होने की वजह से उसे नियमित अभ्यास में प्रयोग नहीं किया जाता है। प्रतियोगिता में ही पहनने की वजह से कई बार वह असहज भी महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि सुविधाओं के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। खेल विभाग लखनऊ के निदेशक आरपी सिंह ने बताया कि खेल कालेजों और खेल छात्रावासों में भी स्थानीय स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ी आते हैं। जब वह राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन्हें सुविधाएं भी उच्च कोटि की दी जाएंगी, लेकिन स्थानीय खिलाड़ियों के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। सरकार उदीयमान खिलाड़ियों के लिए परिजनों की आय के हिसाब से मासिक धनराशि देने की योजना बना रही है। इसके अलावा उन्हें उपकरण और प्रशिक्षण के लिए भी आर्थिक मदद की जाएगी।