मिशन 2019 में अनुसूचित जाति के मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा और संघ के ओहदेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी है। बूथ स्तर पर अनुसूचित जाति के मतदाताओं से संपर्क करके पार्टी उन्हें साधने की कोशिशों में जुटी है। संघ और भाजपा के पदाधिकारी अनुसूचित जाति के लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा की अनुसूचित जाति की सबसे बड़ी हिमायती है।
पार्टी नेतृत्व की ओर से हर कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर अनुसूचित जाति के कम से कम 10-10 नए मतदाता पार्टी से जोड़ने का जिम्मा सौंपा गया है। संगठन को जिम्मेदारी दी गई है कि वह हर बूथ पर 50 नए कार्यकर्ता अनुसूचित जाति से बनाए। इन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने के भी निर्देश हैं। पार्टी ने अपने सांसदों को खास तौर पर हिदायत दी है कि अनुसूचित जाति के लोगों के साथ होने वाले हादसों और घटनाओं में उनके साथ खड़े नजर आएं। यही वजह है कि मंडल में अनुसूचित जाति के लोगाें के साथ हुई कई घटनाओं और हादसों में 24 घंटे के भीतर सांसद मौके पर पहुंचे हैं। एससी/ एसटी एक्ट को मजबूती देने के लिए मोदी सरकार के अध्यादेश का जिक्र भी भाजपा नेता अनुसूचित जाति के लोगों के बीच में कर रहे हैं। लोकसभा चुनावों की दहलीज पर खड़ी पार्टी सपा और बसपा में गठबंधन के पक्के आसार देख अब किसी भी तरह अनुसूचित जाति के लोगों को अपने पक्ष में करने के जतन में जुटी है। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम शर्मा का कहना है कि संगठन नेतृत्व से मिले निर्देशों के अनुसार पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बूथ स्तर पर अनुसूचित जाति के कार्यकर्ताओं को जोड़ने की मुहिम में लगे हैं। हरेक बूथ पर कम से कम 50 कार्यकर्ता अनुसूचित जाति से जोड़ने हैं।