कुंदरकी। सुन्नी बरेलवी उलेमा फेडरेशन ने मदरसों में ड्रेस कोड लागू करने के ब्यान पर राज्यमंत्री मोहसिन रजा को पद से हटाने की मांग की है। साथ ही उनके पर इस्लामी कल्चर पर हमला करने का आरोप लगाया है जिससे मुसलमानों के जज्बात को ठेस पहुंची है।
शुक्रवार की शाम में कुंदरकी में हुुई सुन्नी बरेलवी उलेमा फेडरेशन की बैठक में मुफ्ती मौहम्मद इमरान हनफी ने कहा कि अनुदान के बहाने मदरसों के निजी मामलात में दखल अंदाजी करने का प्रयास किया जा रहा है। इस्लाम की तहजीब का सौदा नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में मदरसों के प्रबंधकों सरकारी अनुदान को रद्द कर देना चाहिए। मुफ्ती इमरान हनफी ने कहा कि राज्यमंत्री मोहसिन रजा मुसलमानों के जज्बात पर खेल रहे है और वह इस्लामी कल्चर पर हमले कर रहे है। उन्होंने के राज्यमंत्री मोहसिन रजा को पद से बर्खास्त कर कार्रवाई की है जबकि प्रदेश सरकार की ओर तत्काल ही मदरसों में ड्रेस कोड के मामले में यूर्टन लेने पर प्रशंसा की है।
मुफ्ती इमरान हनफी ने कहा कि मदरसों में हमेशा इंसानियत का पाठ पढ़ाया गया है और मदरसे से ही मौलाना फजले हक खैराबादी का जारी फतवा देश की आजादी की बुनियाद बना है। मदरसों से ही वीर अब्दुल हमीद और मौलाना फजले हक खैराबादी, मौलाना जौहर अली जैसे देश के वफादार परवान चढ़े जिन्होंने देश की आजादी में अहम रोल अदा किया है। बैठक में सैय्यद वसीम मियां, कारी वकील अहमद, कारी इंतेजार हुसैन, कारी अब्दुर्रहमान, मौलाना अरशद उल कादरी, मौलाना लियाकत रजा, मौलाना आशकार, मुफ्ती जुबैर अहमद, कारी शाहनवाज, मौलाना अहमद रहमानी, कारी मुनाजिर रजा, मौलाना इल्यास, मुफ्ती शमीम अहमद आदि रहे।