विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों में अब तेजी आ सकेगी। शासन ने विकास निधि की धनराशि में बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही निर्माण कार्य पर लगने वाले जीएसटी के लिए भी अलग से धनराशि का बंदोबस्त किया गया है।
अभी तक विधायकों को अपने क्षेत्र में विकास के लिए डेढ़ करोड़ रुपया सालाना की विधायक निधि मिलती थी। जीएसटी लागू होने के बाद इस धनराशि में और कमी आ गई। उसके बाद विकास कार्यो के लिए विधायक निधि अपर्याप्त थी। अब शासन ने निधि में बढ़ोतरी कर दी है। शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने इसके आदेश सीडीओ को भेज दिए हैं। अब विधायकों को सालाना विकास के लिए दो करोड़ रुपये की निधि आवंटित की जाएगी। यानी कि विधायक दो करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्ताव दे सकेंगे। इस धनराशि पर लगने वाली जीएसटी को बजट अलग से जारी किया गया है। जीएसटी के भुगतान के लिए 40 लाख रुपये विधायक निधि में ही जुड़कर आएंगे लेकिन इसका प्रस्ताव विकास कार्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस 40 लाख रुपये में से प्रत्येक तीसरे महीने जीएसटी के कर का भुगतान जमा कराना होगा। शासनादेश के बाद अब विधायक अपने क्षेत्रों में ज्यादा विकास करा सकेंगे।
...