रामपुर। लोकसभा के पिछले चुनाव (2014) में भले ही भाजपा के टिकट पर डॉ. नैपाल सिंह ने जीत दर्ज की हो, लेकिन करीब सात हजार मतदाताओं को एक भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया था। यहां तक कि चुनाव लड़ रहे 12 प्रत्याशियों में नोटा पांचवे नंबर पर रहा था। तब नोटा को 6905 वोट मिले थे, जो भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के बाद सबसे अधिक वोट हासिल करने वाला था।
लोकसभा चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों ने पूरी ताकत क्षेत्र में लगा दी है। गांवों में सभाओं से लेकर मतदाताओं को लुभाने तक तमाम वादे किए जा रहे हैं। हालांकि, यह 23 मई को ही पता लगेगा कि मतदाताओं ने किस पर विश्वास जताया है। लेकिन, 2014 लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो तब रामपुर में भाजपा के टिकट पर डॉ. नैपाल सिंह, कांग्रेस के टिकट पर नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, बसपा के टिकट पर अकबर हुसैन और सपा के टिकट पर नसीर अहमद खां चुनाव मैदान में उतरे थे। तब भाजपा ने सपा को हराते हुए जीत दर्ज की थी। 23435 वोटों से भाजपा ने जीत हासिल की, जबकि दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी रही थी। कांग्रेस तीसरे और बहुजन समाज पार्टी चौथे नंबर पर रही थी। इसके अलावा पांचवें नंबर पर नोटा रहा, जिसे 6905 वोट हासिल हुए। यानी कि नोटा को वोट देने वालों को कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया।