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गन्ना गरमाएगा सियासत, 16.5 अरब का भुगतान बकाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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मुरादाबाद। इस बार लोकसभा चुनाव में गन्ना भुगतान बकाया सियासत गरमाएगा। गन्ना किसानों की जिंदगी में मिठास भरने का दावा ठोकने वाली उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के गन्ने का शत प्रतिशत भुगतान नहीं करा पाई। अकेले मुरादाबाद मंडल की 22 चीनी मिल किसानों की गाढ़ी कमाई के साढे़ सोलह अरब रुपये से ज्यादा दबाकर बैठी हैं। जबकि किसान परेशान है। विपक्षी पार्टियों ने गन्ना भुगतान को मुद्दा बना लिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में रैली और मंच से विपक्षी पार्टियां किसानों की नब्ज टटोलने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी पर खूब तीर चलाती नजर आएंगी। इतना ही पिछले सत्र 17-18 का भुगतान भी अटका हुआ है।
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पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में अधिकांश किसान गन्ने की खेती पर ही निर्भर हैं। किसान कड़ी मेहनत कर खेती करता है और मिलों तक गन्ने को पहुंचाता है, बेटे, बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनकी शादी तक गन्ने का ही सहारा है। किसान को कभी भुगतान तो कभी पर्चियों के लिए दौड़भाग करनी पड़ी है। अपनी फसल की कीमत के लिए उसे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ये ही वजह है कि गन्ना किसान किसी भी सरकार से खुश नहीं हैं। चाहे सत्तारूढ़ पार्टी और या फिर पूर्व में रहीं सपा बसपा की सरकारें। लोकसभा चुनाव में एक बार फिर गन्ना भुगतान का बड़ा मुद्दा बढ़ गया। पिछले सत्र 2017-18 का साढ़े सात करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बाकी था ही, इस सत्र 2018-19 में मंडल की सभी 22 चीनी मिलों पर 16 अरब, 54 करोड़, 91 लाख 69 हजार रुपये का भुगतान अभी बाकी है। इनमें सबसे ज्यादा बिजनौर मंडल की चीनी मिलों पर है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि इस सत्र का 28 अरब 29 करोड़ 16 लाख 32 हजार रुपये का भुगतान हो चुकी है। जल्द ही बाकी भुगतान भी कराया जाएगा।
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मुरादाबाद मंडल में चीनी मिलों का हाल
जनपद चीनी मिल बकाया भुगतान (लाख)
बिजनौर 09 73940.55
अमरोहा 03 21648.62
मुरादाबाद 04 38228.65
संभल 03 15849.53
रामपुर 03 15824.34
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