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आपराधिक इतिहास का खुद प्रचार करेंगे प्रत्याशी

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मुरादाबाद। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को लोकसभा निर्वाचन के नियम - कायदे समझाते हुए कहा कि प्रत्येक प्रत्याशी को अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का खुद प्रचार - प्रसार करना होगा। समाचार पत्र के माध्यम से प्रत्याशी जनता को बताएंगे कि उनके खिलाफ कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं। किन में सजा हुई है और किन में सुनवाई चल रही है। राजनीतिक दलों को भी अपने प्रत्याशी का आपराधिक इतिहास वेबसाइट पर अपनलोड करना जरूरी होगा।
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राजनीतिक दलों की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नामांकन के समय दल द्वारा खड़े किए गए अभ्यर्थी को अपने विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में सूचना अपने दल को देनी होगी। राजनीतिक दल इस सूचना को अपनी वेबसाइट पर डालेंगे। राजनीतिक दल के प्रत्याशी और संबंधित राजनीतिक दल अपने विरुद्ध लंबित और प्रचलित आपराधिक मामलों को व्यापक रूप से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएंगे। इलेक्ट्रानिक मीडिया में भी कम से कम तीन बार इस सूचना का व्यापक प्रचार - प्रसार कराएंगे। ऐसे अभ्यर्थी जिनके विरुद्ध आपराधिक मामले या तो लंबित हैं या फिर दोष सिद्ध हो चुका है तो उन्हें ऐसे मामलों को निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रचलन वाले समाचार पत्रों में निर्धारित प्रारूप में कम से कम तीन बार प्रकाशित कराना होगा। यह प्रकाशन नामांकन वापस लेने के अंतिम दिवस और मतदान दिवस से दो दिन पूर्व की अवधि में कम से कम तीन बार पृथक - पृथक समाचार पत्रों में होगा। जिले में प्रसारित हो रहे समाचार चैनलों में भी यह सूचना इस अवधि में कम से कम तीन बार प्रसारित करानी होगी। समाचार चैनल पर यह सूचना न्यूनतम सात सेकेंड प्रसारित होगी। निर्वाचन व्यय के साथ उन समाचार पत्रों की प्रतियां भी जमा करानी होंगी, जिनमें यह सूचना प्रकाशित की गई।
डीएम ने कहा कि नामांकन के समय अनुसूचित जाति / जनजाति के प्रत्याशियों को अपना जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय / राज्यीय राजनीतिक दलों के अभ्यर्थी नाम निर्देशन पत्र के लिए एक प्रस्तावक होना चाहिए जबकि अन्य दलों और निर्दलीय अभ्यर्थी के लिए 10 प्रस्तावक होने चाहिए। प्रस्तावक का नाम उसी लोकसभा क्षेत्र में आने वाली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में होना चाहिए।
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