नए साल में मौसम अपना बदला-बदला रुख दिखा रहा है। नए साल में आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक सर्दी स्थिर नहीं हुई है। एक दिन कड़ाके की ठंड पड़ती है तो दूसरे दिन निकला सूरज उस असर को कम कर देता है। इसकी वजह से तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। यह पिछले वर्ष से भी चार डिग्री सेल्सियस ऊपर है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह तापमान बढ़ोतरी का कारण बन रही है।
गत वर्ष आठ जनवरी को सबसे सर्द रात रही थी। तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस था। नौ जनवरी को भी कड़ाके की ठंड थी। शीतलहर के बावजूद दोपहर से ही आसमान में घने कोहरे की चादर छा गई थी। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस था। इस वर्ष मौसम के मिजाज में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय वातावरण में नमी थी। सुबह की आर्र्दता 84 फीसदी और शाम की 51 फीसदी दर्ज की गई। मौसम विज्ञान विभाग लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि लगातार पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं। एक विक्षोभ के जाने के बाद तापमान में गिरावट नहीं आ पाती है, उससे पहले दूसरा विक्षोभ आ जाता है। इसकी वजह से मौसम में गिरावट का बदलाव महसूस नहीं हो पाता है। गत वर्ष कोहरे की वजह रही होगी। मौसम में इस तरह के बदलाव होते रहते हैं।