रामगंगा और गांगन सहित कई प्रमुख नदियों की स्वच्छता की कानपुर में 13 अगस्त को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी समीक्षा करेंगे। इस निर्देश के बाद स्थानीय अधिकारी स्वच्छता अभियान के आंकड़े जुटाने में लग गए हैं। हालांकि अफसरों की ओर से जिस तरह के आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, उस हिसाब से स्वच्छता के लिए काम नहीं हुआ है।
गंगा स्वच्छता केंद्र की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए गंगा व उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता के लिए कई साल से अभियान चलाया जा रहा है। मुरादाबाद परिक्षेत्र में गंगा के साथ ही उसकी सहायक नदियां रामगंगा व गांगन नदी हैं। इनको साफ करने के लिए शासन की योजना पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकारी स्वच्छता अभियान को ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। नदियों में फैक्ट्रियों का दूषित पानी डाला जा रहा है। रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक मिश्रित पानी धड़ल्ले से नदियों मिल रहा है। पांच साल बीतने के बाद भी सीवर लाइन शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में अफसरों पर समीक्षा बैठक में भाग लेने का दबाव है। अधिकारियों ने समीक्षा बैठक से जुड़े आंकड़े तैयार करना शुरू कर दिया है। इसमें मुरादाबाद परिक्षेत्र के अलावा वाराणसी, कानपुर, इलाहाबाद व बिठूर परिक्षेत्र के अधिकारी भी भाग लेंगे।
मुरादाबाद की गंगा व सहायक नदियों की स्वच्छता तथा नमामि गंगे के प्रोजेक्ट को लेकर कानपुर में 13 अगस्त को समीक्षा बैठक है। इसमें भाग लेने के लिए सभी विभागों के अफसरों के साथ जाना है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
- राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता जल निगम।